हाइलाइट :
बेमेतरा के पिकरी मुक्तिधाम से एक नाबालिग बच्ची की अस्थियां चोरी होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह दूसरी बार है जब उसी मुक्तिधाम से अस्थियां गायब हुई हैं। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और पुलिस जांच में जुटी हुई है।
मुक्तिधाम से अस्थियां गायब होने की घटना
बेमेतरा : जिले में मुक्तिधाम जैसी पवित्र जगह भी असुरक्षित होती जा रही है। 9 जनवरी को सड़क हादसे में जान गंवाने वाली नाबालिग बालिका जस्मीन यदु का अंतिम संस्कार पिकरी मुक्तिधाम में किया गया था। 11 जनवरी की सुबह जब परिजन यादव रीति-रिवाज के अनुसार अस्थि संचय के लिए पहुंचे, तो चिता स्थल पूरी तरह खाली मिला। अस्थियां गायब थीं और आसपास तंत्र-मंत्र से जुड़ी संदिग्ध सामग्री बिखरी हुई थी। इस दृश्य को देखकर परिजन स्तब्ध रह गए और तुरंत बेमेतरा सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई।
अंधविश्वास और तंत्र विद्या का आरोप
मृतक की मां नंदनी यदु और परिजन गजेंद्र यादव ने इस अमानवीय कृत्य के पीछे तांत्रिक गतिविधियों और अंधविश्वास का संदेह जताया है। उनका कहना है कि “मुक्तिधाम से अस्थियों का इस तरह गायब होना सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि हमारी आस्था पर चोट है।” परिजनों ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। मामले पर थाना प्रभारी मयंक मिश्रा ने बताया, “परिजनों से जानकारी मिली है। नगर पालिका प्रबंधन से समन्वय कर सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जांच जारी है।
लगातार दूसरी घटना से बढ़ी चिंता, सुरक्षा पर सवाल
पिकरी मुक्तिधाम से अस्थि गायब होने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 23 दिसंबर 2025 को ब्राह्मण पारा निवासी होटल व्यवसायी चंद्रिका प्रसाद दुबे के अंतिम संस्कार के बाद भी अस्थियां गायब मिली थीं। लगातार हो रही घटनाओं से स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश है। नगर पालिका द्वारा चौकीदार की व्यवस्था होने के बावजूद ऐसी घटनाएं सामने आना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आस्था से जुड़ी ऐसी जगहों पर लोगों का भरोसा डगमगा सकता है।
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