रायगढ़ / छत्तीसगढ़
रायगढ़, छत्तीसगढ़: जिले के तमनार थाना क्षेत्र अंतर्गत लिब्रा गांव में कोयला खनन परियोजना के विरोध में चल रहे प्रदर्शन के दौरान महिला आरक्षक से मारपीट, बदसलूकी और कपड़े फाड़ने के गंभीर मामले में पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शनिवार को अधिकारियों ने पुष्टि की कि इस प्रकरण में अब तक कुल पांच गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि दो नामजद आरोपी अब भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। 27 दिसंबर को 14 गांवों के संयुक्त खनन-विरोधी आंदोलन के हिंसक रूप लेने के बाद यह घटना सामने आई थी, जब भीड़ के बीच तैनात महिला आरक्षक एक खेत में अकेली पड़ गईं और हमला किया गया।
गिरफ्तारी और आरोपियों की पहचान: पुलिस के अनुसार हिंसक घटनाओं और महिला आरक्षक से दुर्व्यवहार के आरोप में मंगल राठिया, चिनेश खमारी, प्रेमसिंह राठिया, कीर्ति श्रीवास और वनमाली राठिया को गिरफ्तार किया गया है। इनमें दो आरोपियों की गिरफ्तारी शुक्रवार को की गई थी, जबकि शेष तीन को शनिवार को हिरासत में लिया गया। फरार दोनों आरोपियों की पहचान कर ली गई है और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश, मुखबिर तंत्र और तकनीकी निगरानी की मदद ले रही है। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया, जिसमें महिला आरक्षक को जमीन पर गिरे हुए, रोते और हाथ जोड़ते देखा गया, जबकि दो लोग कथित तौर पर उनसे सवाल करते हुए उनके कपड़े खींचते नजर आए।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया, हिंसा का विवरण: घटना के बाद अखिल भारतीय महिला कांग्रेस ने धुंधला किया गया वीडियो फेसबुक पर साझा कर राज्य में महिला सुरक्षा पर सवाल खड़े किए। कांग्रेस ने पूछा कि जब वर्दी में तैनात महिला आरक्षक ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी कैसे दी जा सकती है। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने पत्थरबाजी की, एक पुलिस बस, जीप और एम्बुलेंस में आगजनी की, साथ ही कई सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। प्रशासन ने इस घटना को कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा है कि दोषियों पर सख्त धाराओं में कार्रवाई की जाएगी और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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