रायपुर/छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स
राज्यपाल रमेन डेका ने शिक्षा में तकनीकी सशक्तिकरण को नई दिशा देते हुए कस्तूबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, राजपुर कला, लखनपुर (जिला सरगुजा) की छात्राओं को अपने स्वेच्छानुदान मद से पांच नवीन कंप्यूटर प्रदान किए। यह पहल डिजिटल शिक्षा को अधिक समावेशी, गुणात्मक और भविष्योन्मुखी बनाने की राज्यपाल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। शिक्षा, डिजिटल सशक्तिकरण, महिला सशक्तिकरण — तीनों में समन्वय स्थापित करने वाली यह पहल सरगुजा में आशा की नई किरण बनकर उभरी है।
राज्यपाल द्वारा स्कूल का निरीक्षण और डिजिटल संसाधनों की आवश्यकता की समझ
राज्यपाल रमेन डेका ने अपने सरगुजा जिले प्रवास के दौरान कस्तूबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया था, जहां उन्होंने विद्यालय में छात्राओं की शैक्षणिक गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि डिजिटल शिक्षा की बढ़ती मांग को देखते हुए अतिरिक्त कंप्यूटर संसाधन उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने इस आवश्यकता को गंभीरता से लिया और विद्यालय में सुविधाओं के विस्तार हेतु अतिरिक्त कंप्यूटर प्रदान करने की स्वीकृति दी। इससे स्पष्ट होता है कि राज्यपाल न केवल निरीक्षण करते हैं, बल्कि उसके बाद त्वरित कार्यवाही भी सुनिश्चित करते हैं, जो शैक्षिक पर्यावरण को बेहतर बनाने में निर्णायक भूमिका निभाती है।
प्रदान किए गए कंप्यूटर से शिक्षा में गुणात्मक सुधार की उम्मीद
आज लोेकभवन में राज्यपाल के हाथों विद्यालय को पांच नवीन कंप्यूटर प्रदान किए गए। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, विद्यालय की अधीक्षिका अनुराधा सिंह तथा अनेक शिक्षण और प्रशासनिक कर्मचारी उपस्थित रहे। इन कंप्यूटरों के प्राप्त होने से छात्राओं को डिजिटल शिक्षा से जुड़ने में अत्यधिक सुविधा मिलेगी। छात्राएँ अब ऑनलाइन शिक्षण संसाधनों, शैक्षणिक सॉफ्टवेयर और शोधकार्य तक बेहतर पहुँच पा सकेंगी, जिससे उनके सीखने की गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार की उम्मीद है।
मानवीय परिवर्तन, डिजिटल सशक्तिकरण का सामाजिक प्रभाव
इस पहल का सामाजिक और मानवीय दृष्टिकोण अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों की बालिकाएँ भी तकनीकी शिक्षा के संसाधनों तक पहुँच पाती हैं, तो इससे न केवल उनकी शैक्षणिक उपलब्धियाँ बढ़ती हैं बल्कि आत्मविश्वास, करियर क्षमता और सामाजिक समानता की दिशा में भी सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न होता है। राज्यपाल रमेन डेका की इस पहल से यह संदेश मिलता है कि शिक्षा को केवल पारंपरिक आयामों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उसे आधुनिक तकनीकी सशक्तिकरण से जोड़ा जाना चाहिए ताकि हर छात्रा भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सके।


