रायपुर /छत्तीसगढ़
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत तीन दिवसीय औपचारिक छत्तीसगढ़ प्रवास पर सोमवार सुबह रायपुर पहुंच गए। एयरपोर्ट से भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया, इसके बाद वे सीधे जागृति मंडल कार्यालय के लिए रवाना हुए। सूत्रों के अनुसार इस प्रवास में भागवत जी राज्य में संगठन की विचारधारा, राष्ट्रीय सामाजिक दायित्व और विशेष रूप से युवाओं के मध्य सक्रिय भागीदारी को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण बैठकों और कार्यक्रमों में भाग लेंगे। राज्यभर से हजारों नागरिक, युवाओं और समाज के प्रतिनिधि इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए उपस्थित होंगे। आयोजकों ने बताया कि सुरक्षा व व्यवस्थाओं को पुख्ता किया गया है ताकि सार्वजनिक स्थल पर भीड़ शांतिपूर्ण ढंग से कार्यक्रमों का हिस्सा बन सके।
31 दिसंबर: हिंदू सम्मेलन और विशाल संगोष्ठी
31 दिसंबर को रायपुर के अभनपुर स्थित सोनपैरी गांव में असंग देव कबीर आश्रम में सुबह 9 बजे हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया है, जिसमें डॉ. मोहन भागवत मुख्य वक्ता होंगे। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय संत गुरुदेव असंग मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। आयोजकों के अनुसार प्रदेशभर से लगभग 30,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ विशाल डोम तैयार किया गया है। इस सम्मेलन में धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
युवा संवाद: विचारधारा और सामाजिक जिम्मेदारी
हिंदू सम्मेलन से पहले सुबह 9 से 12 बजे तक एम्स रायपुर में युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया है जिसमें डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), व्यापारी सहित लगभग 2,000 युवा पेशेवर शामिल होंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में संगठन की विचारधारा को समझना और उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी व सेवा भावना से प्रेरित करना बताया जा रहा है। RSS की ओर से यह संवाद प्रदेशभर में जनवरी में आयोजित होने वाले युवा सम्मेलनों की शुरुआत माना जा रहा है।
1 जनवरी: सामाजिक सद्भावना बैठक
नए वर्ष के पहले दिन 1 जनवरी को राम मंदिर परिसर में सुबह 9 से 12 बजे तक सामाजिक सद्भावना बैठक का आयोजन है, जिसमें भी डॉ. मोहन भागवत उपस्थित रहेंगे। बैठक में प्रदेश के विभिन्न समाजों के प्रमुख और प्रतिनिधि आमंत्रित हैं। इस बैठक में सामाजिक विषयों, आपसी सौहार्द, विविध समुदायों में समरसता व सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर विस्तृत चर्चा होगी। RSS की स्थापना के मूल सामाजिक उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए यह बैठक सामाजिक सहिष्णुता और सौहार्द को आगे बढ़ाने का मंच होगी।
प्रवास का व्यापक सामाजिक प्रभाव
इस तीन दिवसीय प्रवास के दौरान RSS प्रमुख धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक संवाद स्थापित करेंगे तथा संगठन की विचारधारा, सामाजिक जिम्मेदारी व युवा नेतृत्व को सुदृढ़ करने पर बल देंगे। अधिकारियों ने बताया कि आयोजन स्थल पर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण रूप से सम्पन्न हो सके। इस प्रवास से राज्य में RSS की सक्रियता और उसके उद्देश्यों को व्यापक स्तर पर जनता तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।
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