कोरबा/छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स
कोरबा में बाबा गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर सतनामी समाज द्वारा निकाली गई भव्य शोभायात्रा ने पूरे शहर को सतनाम मय कर दिया। हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता, पारंपरिक पंथी नृत्य, आकर्षक झांकियां और बाबा के संदेश ‘सत्य ही मानव का आभूषण है’ ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब, शहर बना सतनाम मय
कोरबा सतनामी कल्याण समिति के तत्वावधान में आयोजित इस विशाल शोभायात्रा की शुरुआत सीतामणी जैतखाम से हुई, जो विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए सतनाम प्रांगण, टी.पी. नगर तक पहुंची। यात्रा के दौरान बाबा गुरु घासीदास के पावन विचारों और सत्य के संदेश से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो उठा। समाज के बुजुर्गों से लेकर युवा और महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए, जिससे आयोजन में सामाजिक एकता और श्रद्धा का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
पंथी नृत्य, लेजर लाइट शो और झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र
शोभायात्रा के दौरान डी.जे. पर लेजर लाइट शो ने आधुनिक रंग बिखेरे, वहीं पंथी दलों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक पंथी कला और कर्मा नृत्य ने दर्शकों को छत्तीसगढ़ी संस्कृति से जोड़े रखा। शौर्य प्रदर्शन, सामाजिक संदेशों से सजी झांकियां और भव्य आतिशबाजी ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। सड़क किनारे खड़े नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया, जिससे उत्सव का मानवीय और भावनात्मक पक्ष और मजबूत हुआ।
औद्योगिक क्षेत्रों और ग्रामीण अंचलों में भी उत्साह का माहौल
कोरबा शहर के साथ-साथ दीपका, गेवरा, कुसमुंडा, हरदीबाजार, दर्री, बरपाली, रामपुर, पसान, पोड़ी उपरोड़ा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी गुरु घासीदास जयंती पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। जैतखाम पर विधि-विधान से पूजा-पाठ, सतनाम वंदना और पंथी नृत्य का आयोजन किया गया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बाबा गुरु घासीदास का संदेश आज भी समाज को सत्य, समानता और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।


