बिलासपुर/छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स
बिलासपुर रेल मंडल ने सघन टिकट चेकिंग अभियान के तहत पिछले आठ महीनों में 2.40 लाख से अधिक बेटिकट यात्रियों को पकड़ा। इस दौरान 12.58 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में मामलों और आय—दोनों में रिकॉर्ड वृद्धि दर्शाता है। रेल प्रशासन का कहना है कि इसका सीधा लाभ नियमित टिकटधारी यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित यात्रा सुविधा के रूप में मिला है।
अभियान का उद्देश्य और व्यापक दायरा
रेल प्रशासन के अनुसार, यह सघन टिकट चेकिंग अभियान कटनी से बिलासपुर और झारसुगुड़ा सेक्शन तक फैले लगभग 81 स्टेशनों पर निरंतर चलाया गया। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग कुमार सिंह ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य बेटिकट यात्रा पर प्रभावी रोक लगाना, यात्रियों को टिकट लेकर यात्रा करने के प्रति जागरूक करना और ट्रेनों में अव्यवस्था को कम करना है। उन्होंने कहा कि जब हर यात्री नियमों का पालन करता है, तो ईमानदार यात्रियों को आरामदायक सीट, सुरक्षित वातावरण और समय पर सेवाएं मिल पाती हैं—यही इस कार्रवाई की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
दिसंबर के विशेष अभियान और बढ़ती आय
दिसंबर के पहले पखवाड़े में भी मंडल ने विशेष टिकट चेकिंग अभियान चलाया, जिसमें 17,082 मामलों से 85.54 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। इनमें बिना टिकट यात्रा के 11,478 मामले, अनियमित टिकट के 4,248 मामले और अनबुक्ड लगेज के 1,356 मामले शामिल रहे। आंकड़े बताते हैं कि पिछले वर्ष की तुलना में इस अवधि में मामलों में 77 प्रतिशत और आय में 97 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। मंडल रेल प्रबंधक राजमल खोईवाल और प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक प्रवीण पाण्डेय के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान को यात्रियों से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। रेल प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले वैध टिकट अवश्य लें, प्लेटफॉर्म टिकट के बिना परिसर में प्रवेश न करें और प्लेटफॉर्म बदलने के लिए केवल फुटओवर ब्रिज का ही उपयोग करें।


