स्वतंत्र छत्तीसगढ़ न्यूज़
भिलाई । सेल स्टील प्लांट कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने भिलाई स्टील प्लांट बीएसपी प्रबंधन पर सूचना का अधिकार अधिनियम आरटीआई के तहत जानकारी उपलब्ध कराने के बजाय आवेदकों को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया है । एसोसिएशन ने कहा है कि संवैधानिक प्रावधानों के बावजूद बीएसपी प्रबंधन आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारियों को या तो अधूरी दे रहा है या फिर जानबूझकर गलत जानकारी साझा कर रहा है । इस संबंध में एसोसिएशन ने केंद्रीय सूचना आयोग में शिकायत दर्ज कराई है और मांग की है कि बीएसपी को सख्त निर्देश दिए जाएं ताकि समयबद्ध और सही जानकारी आवेदकों को मिल सके ।
एसोसिएशन के अध्यक्ष के. ए. अब्दुल कादर ने बताया कि हाल के महीनों में बीएसपी प्रबंधन से बायोमेट्रिक सिस्टम , एक्सीडेंटल पॉलिसी , निविदा प्रक्रिया में प्रचलित लॉटरी सिस्टम , रेट कॉन्ट्रैक्ट का वितरण और ठेका मजदूरों के स्वास्थ्य परीक्षण जैसे विषयों पर आरटीआई के तहत जानकारी मांगी गई थी । लेकिन अधिकांश मामलों में प्रबंधन ने या तो अधूरी जानकारी दी या केवल सर्कुलर की प्रति देकर औपचारिकता निभा दी । उन्होंने कहा कि यह आवेदकों को गुमराह करने जैसा है । कई मामलों में तो बीएसपी के अलग-अलग विभागों के जवाबों में भी विरोधाभास देखने को मिला है , जिससे यह स्पष्ट होता है कि आरटीआई अधिनियम को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा ।
कादर ने बताया कि पात्रता मापदंड से जुड़े एक पुराने मामले में भी बीएसपी प्रबंधन ने सूचना नहीं दी थी , जबकि केंद्रीय सूचना आयोग ने 2018 में स्पष्ट निर्देश जारी किए थे । इसके बावजूद आदेशों का पालन आज तक नहीं हुआ है । एसोसिएशन का कहना है कि बीएसपी के कुछ विभाग यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि उनके पास संबंधित जानकारी उपलब्ध ही नहीं है , जो कि सीधे तौर पर सूचना का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन है ।
एसोसिएशन की ओर से महासचिव सी. के. मोहन , कोषाध्यक्ष तुलसी धरण पिल्लई , उपाध्यक्ष के. ए. ए. अंसार , संजय गुप्ता , वी. वी. किशोर , विजय कुमार , के. थंकराजन और मोहन राव ने केंद्रीय सूचना आयोग से मांग की है कि बीएसपी प्रबंधन को आरटीआई के तहत सही और समयबद्ध जानकारी देने के लिए बाध्य किया जाए ।
बायोमेट्रिक और लॉटरी सिस्टम पर रोक लगाने की मांग एसोसिएशन ने ठेका मजदूरों के लिए लागू बायोमेट्रिक सिस्टम पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग की है । उनका कहना है कि वर्तमान में बीएसपी में इस व्यवस्था के लिए आवश्यक तकनीकी ढांचा और स्पष्ट दिशा-निर्देश उपलब्ध नहीं हैं । ऐसे में इस प्रणाली को मार्च 2026 तक स्थगित किया जाए । इसके साथ ही एसोसिएशन ने निविदा प्रक्रिया में प्रचलित लॉटरी सिस्टम को भी अनियमित बताते हुए इसे तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग की है । उनका कहना है कि इस सिस्टम से कुछ सीमित लोगों को बार-बार कार्य मिल रहे हैं , जबकि अन्य कांट्रेक्टरों को काम से वंचित किया जा रहा है ।
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