हरिमोहन /स्वतंत्र छत्तीसगढ़ न्यूज़
हाइलाइट :
- बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी के आह्वान पर हजारों भक्त शामिल
- रायपुर से दिल्ली के लिए चार बसों में रवाना हुए श्रद्धालु
- 7 से 16 नवंबर तक चलेगी यात्रा, वृंदावन में होगा समापन
- बसंत अग्रवाल ने कहा – यह केवल यात्रा नहीं, सनातन चेतना का जागरण है
रायपुर : बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज की प्रेरणा से शुरू हुई “सनातन हिंदू एकता पदयात्रा” में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ से भक्तों का जत्था बुधवार को राजधानी रायपुर से रवाना हुआ । यह यात्रा 7 नवंबर से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक निकाली जा रही है , जिसमें देशभर से हजारों धर्मप्रेमी अपनी आस्था और समर्पण के साथ हिस्सा लेंगे । रायपुर से भक्तों को दिल्ली तक पहुँचाने के लिए समाजसेवी बसंत अग्रवाल के नेतृत्व में बागेश्वर धाम शिष्य मंडल ने निःशुल्क बसों की व्यवस्था की ।
सुबह 730 बजे गुढ़ियारी स्थित श्री हनुमान मंदिर , मच्छी तालाब से चार बसें रवाना की गईं । इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव , दक्षिण कौशल पीठाधीश्वर राजीव लोचन दास , बसंत अग्रवाल , पूर्व पार्षद विनोद अग्रवाल और कई संतजन उपस्थित रहे । भगवा ध्वज दिखाकर बसों को रवाना किया गया , वहीं पूरा क्षेत्र “जय श्री राम” के जयघोष से गूंज उठा ।
धर्म और समाज को एकजुट करने का संकल्प
बसंत अग्रवाल ने कहा कि यह पदयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है , बल्कि देश की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना को जगाने वाला अभियान है । उन्होंने कहा कि गुरुदेव धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का उद्देश्य सनातन धर्म के मूल्यों की रक्षा करना और समाज में हिन्दू एकता की भावना को सशक्त बनाना है । उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से अपील की कि वे अपनी आस्था और कर्म के माध्यम से धर्म और संस्कृति की रक्षा में योगदान दें । यात्रा के दौरान भक्तों के लिए भोजन , आवास और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की गई है । साथ ही रायपुर से दिल्ली और वृंदावन से वापसी तक की यात्रा निःशुल्क रखी गई है , ताकि कोई भी श्रद्धालु असुविधा का सामना न करे ।
आस्था और चेतना की मिसाल बनेगी यात्रा
बागेश्वर धाम की ओर से कहा गया है कि यह पदयात्रा हर धर्मप्रेमी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी । यह केवल कदमों की यात्रा नहीं , बल्कि आस्था , एकता और चेतना का संगम है । इस यात्रा के माध्यम से पूरे देश में यह संदेश जाएगा कि हिन्दू धर्म की ध्वजा सदा ऊँची रहेगी और समाज में एकता की भावना और प्रगाढ़ होगी ।
सनातन हिंदू एकता पदयात्रा भविष्य की पीढ़ियों के लिए धार्मिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनेगी । आयोजकों का कहना है कि प्रत्येक व्यक्ति का छोटा-सा प्रयास भी देश , धर्म और संस्कृति की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान साबित हो सकता है ।
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