रायपुर / स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डिजिटल डेस्क
हाइलाइट :
- ओम बिरला रायपुर पहुंचे, भाजपा नेताओं ने किया गर्मजोशी से स्वागत
- नए विधानसभा भवन का उद्घाटन आज, राज्य की राजनीति में ऐतिहासिक क्षण
- राज्यपाल रामेन डेका से हुई मुलाकात, विकास व संसदीय परंपराओं पर चर्चा
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का रायपुर आगमन – हुआ जोरदार स्वागत
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के नवनिर्मित विधानसभा भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने रायपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। सभी ने फूल-मालाओं से उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी ओम बिरला का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें राज्य की राजनीतिक परंपराओं के सम्मान में एक “लोकतांत्रिक प्रतीक” बताया।
राज्यपाल से मुलाकात और विकास पर चर्चा
एयरपोर्ट से ओम बिरला सीधे राजभवन पहुंचे, जहां राज्यपाल रामेन डेका ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। दोनों के बीच राज्य के विकास कार्यों, संसदीय परंपराओं को और सशक्त बनाने तथा जनप्रतिनिधियों की भूमिका को और प्रभावी बनाने को लेकर चर्चा हुई।
भाजपा नेताओं की बड़ी मौजूदगी
रायपुर एयरपोर्ट पर स्वागत के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, प्रदेश उपाध्यक्ष नंदन जैन, विधायक धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, राजेश मूणत, हर्षिता पांडेय, अशोक बजाज, प्रीतेश गांधी, पूर्व सांसद दिनेश गांधी, पिंकी शिवराज शाह, रमेश सिंह ठाकुर और आकाश विग सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने इसे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण बताया।
नया विधानसभा भवन – लोकतंत्र की नई पहचान
रायपुर में तैयार हुआ नया विधानसभा भवन अपनी आधुनिक वास्तुकला, तकनीकी साज-सज्जा और सांस्कृतिक विशेषताओं के कारण चर्चा में है। बताया जा रहा है कि ओम बिरला औपचारिक उद्घाटन के साथ जनप्रतिनिधियों को संसदीय मर्यादाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों पर विशेष संबोधन भी देंगे। यह कार्यक्रम राज्य की राजनीतिक और लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।
राजनीतिक और जनभावनाओं का उत्सव
राजधानी रायपुर में इस मौके पर उत्साह और गर्व का माहौल है। भाजपा नेताओं का कहना है कि ओम बिरला का यह दौरा छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक यात्रा में नया अध्याय जोड़ेगा। यह सिर्फ एक भवन का उद्घाटन नहीं, बल्कि जनतंत्र की नई परंपरा की शुरुआत है जो आने वाले समय में राज्य की राजनीतिक संस्कृति को नई दिशा देगा।
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