बिलासपुर/स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डिजिटल डेस्क
हाइलाइट बॉक्स:
- कांग्रेस नेता नितेश सिंह के ऑफिस के बाहर हुई थी फायरिंग
- 24 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा, मास्टरमाइंड समेत 7 आरोपी गिरफ्तार
- राजनीतिक वर्चस्व और जमीन विवाद से जुड़ी थी पूरी साजिश
- CCTV फुटेज से खुला राज, हथियार और मोबाइल बरामद
बिलासपुर में कांग्रेस नेता के ऑफिस के बाहर गोलियां चलीं, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में कांग्रेस नेता और जनपद उपाध्यक्ष नीतेश सिंह के कार्यालय के बाहर हुई फायरिंग ने पूरे इलाके को हिला दिया था। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने केवल 24 घंटे के भीतर ही बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने फायरिंग में शामिल सभी हमलावरों समेत साजिश के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पता चला है कि यह हमला राजनीतिक वर्चस्व और जमीन विवाद को लेकर रचा गया था।
मामले का खुलासा: निष्कासित कांग्रेस नेता निकला मास्टरमाइंड
पुलिस ने इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बिलासपुर के एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि इस हमले की साजिश कांग्रेस के निष्कासित युवा नेता विश्वजीत अनंत ने रची थी। उसने राजनीतिक रंजिश और जमीन के झगड़े के चलते नितेश सिंह को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी। विश्वजीत ने इस काम को अंजाम देने के लिए बाहरी शूटरों को सुपारी दी थी और हमले का पूरा प्लान तैयार किया था।
पुलिस की कार्रवाई: हथियारों और मोबाइल फोन की बरामदगी
एसएसपी ने जानकारी दी कि पुलिस ने जांच के दौरान आरोपियों के पास से 2 देसी पिस्टल, 1 देसी कट्टा, 5 मैगजीन, 4 जिंदा कारतूस, 13 खाली खोखे, 10 बुलेट और 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि वारदात के दौरान करीब 14 राउंड फायरिंग की गई थी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। घटनास्थल के पास लगे CCTV कैमरों में पूरी वारदात कैद हो गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने हमलावरों की पहचान की।
हमले का पूरा घटनाक्रम: बाल-बाल बचे कांग्रेस नेता नितेश सिंह
घटना मंगलवार शाम करीब 6 बजे बिलासपुर के मस्तूरी इलाके में हुई थी। बताया जा रहा है कि तीन नकाबपोश हमलावरों में से दो ने नितेश सिंह के निजी कार्यालय के बाहर अचानक गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस फायरिंग में नितेश सिंह के मामा चंद्रकांत सिंह ठाकुर और भाई राजू सिंह को गोली लगी। चंद्रकांत के पैर में और राजू के बाएं हाथ में गोली लगी है। दोनों को तत्काल अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
नितेश सिंह खुद इस हमले में बाल-बाल बच गए, क्योंकि उस समय वह दफ्तर के अंदर मौजूद थे। पुलिस का कहना है कि हमलावरों ने सोची-समझी रणनीति के तहत अचानक हमला किया, ताकि किसी को प्रतिक्रिया देने का मौका न मिले।
राजनीतिक रंजिश से जुड़ा विवाद, आगे और गिरफ्तारियां संभव
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले के पीछे स्थानीय राजनीतिक वर्चस्व और जमीन से जुड़ा पुराना विवाद अहम कारण रहा। हमले की योजना कई दिनों पहले तैयार की गई थी और इसमें कई स्थानीय लोगों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। पुलिस ने सभी आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और संभावना है कि जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
न्याय की मांग और सुरक्षा बढ़ाने की मांग तेज
हमले के बाद स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। उन्होंने नितेश सिंह के दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए हमलावरों को कड़ी सजा देने और राजनीतिक संरक्षण की जांच की मांग की है। इस घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
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