स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डिजिटल न्यूज़ डेस्क
मुख्य बिंदु
- रायपुर में BJP OBC वर्ग के नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ पुलिस को दी लिखित शिकायत
- आरोप: सोशल मीडिया पेज “भूपेश है तो भरोसा है” से तेली समाज और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का अपमान
- विधायक मोतीलाल साहू के नेतृत्व में पहुंचे बीजेपी नेता, कहा – “जातीय तनाव फैलाने की कोशिश”
- राज्योत्सव और रजत महोत्सव से पहले सियासी माहौल गरमाया

सिविल लाइन थाना रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते BJP OBC वर्ग के नेता
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार की शाम राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब BJP OBC वर्ग के नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ सिविल लाइन थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बघेल ने तेली समाज का अपमान किया है और जातीय अशांति फैलाने की कोशिश की है। यह मामला सोशल मीडिया पर चल रहे एक पेज “भूपेश है तो भरोसा है” से जुड़ा है, जहां कथित रूप से आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो साझा किए गए हैं।
विधायक मोतीलाल साहू के नेतृत्व में पहुंची शिकायत टीम
रायपुर ग्रामीण से BJP विधायक मोतीलाल साहू के नेतृत्व में भाजपा ओबीसी मोर्चा के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार शाम सिविल लाइन थाने पहुँचा। इस टीम में जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर, जिला उपाध्यक्ष ललित जैसिंघ, अकबर अली, अमित मेसरी, गुंजन प्रजापति और पुष्पेंद्र सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
इन नेताओं ने पुलिस को सौंपे गए पत्र में लिखा कि “पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तेली समाज को अपमानित करने वाला वीडियो पोस्ट किया है। यह कदम न केवल समाज को आहत करता है, बल्कि राज्य में जातीय तनाव फैलाने का प्रयास है।”
शिकायत में लगाए गंभीर आरोप
BJP OBC वर्ग की ओर से दर्ज शिकायत में कहा गया है कि “भूपेश है तो भरोसा है” पेज से तेली समाज के खिलाफ गाली-गलौज भरी पोस्ट की गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को लेकर भी आपत्तिजनक वीडियो और गाने साझा किए गए हैं, जिससे समाज में आक्रोश है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि “भूपेश बघेल जानबूझकर जातीय विभाजन पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने पहले भी कांग्रेस में ‘साहू बनाम बघेल’ की राजनीति को बढ़ावा दिया था और अब पुनः वैसा ही षड्यंत्र रच रहे हैं।”
राज्योत्सव से पहले राजनीतिक गर्मी
नेताओं ने कहा कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब छत्तीसगढ़ राज्योत्सव और रजत महोत्सव मनाने की तैयारी चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आने वाले दिनों में प्रदेश के दौरे पर रहेंगे। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि “भूपेश बघेल द्वारा तेली समाज को अपमानित करने का प्रयास इसलिए भी किया गया ताकि समाज में असंतोष फैले, जबकि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं इसी समाज से आते हैं।”
भाजपा नेताओं ने पुलिस से की सख्त कार्रवाई की मांग
शिकायत में यह मांग की गई है कि सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि समाज में अशांति न फैले। नेताओं ने कहा कि यह केवल तेली समाज ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के शांतिपूर्ण माहौल पर हमला है। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।
राजनीतिक विश्लेषण: जातीय राजनीति पर फिर उबाल
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि छत्तीसगढ़ की सियासत में जातीय समीकरणों का बड़ा असर रहा है, और राज्योत्सव से पहले ऐसे आरोप माहौल को और संवेदनशील बना सकते हैं। BJP जहाँ इसे सामाजिक सम्मान का मुद्दा बना रही है, वहीं कांग्रेस ने इसे अब तक “राजनीतिक नाटक” बताते हुए प्रतिक्रिया देने से परहेज़ किया है।
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