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Wednesday, February 11, 2026

प्रकृति की गोद में बसा रानीदाह जलप्रपात: हरियाली, इतिहास और रोमांच का संगम, जशपुर का अनमोल पर्यटन स्थल…

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मुख्य बिंदु

  • जशपुर का प्रसिद्ध रानीदाह जलप्रपात मानसून में लेता है सबसे खूबसूरत रूप
  • किंवदंती के अनुसार रानी शिरोमणि से जुड़ी है इस स्थल की ऐतिहासिक कहानी
  • प्राकृतिक सौंदर्य, फोटोग्राफी और एडवेंचर के लिए पर्यटकों का पसंदीदा ठिकाना
  • व्यू प्वाइंट, सीढ़ियाँ और सुरक्षित पिकनिक व्यवस्था से सुसज्जित पर्यटन स्थल

रानीदाह जलप्रपात — मानसून में जलधारा के चरम रूप और चारों ओर हरियाली से सजा जशपुर का अद्भुत पर्यटन स्थल।

छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला अपने पर्वतीय सौंदर्य, झरनों और हरियाली के लिए प्रसिद्ध है। इन्हीं में से एक है मनमोहक रानीदाह जलप्रपात, जो मानसून के मौसम में अपने पूर्ण आकर्षक रूप में नजर आता है। तेज जलधाराएं, घना जंगल और हरियाली से घिरी वादियाँ इस स्थल को एक अद्भुत प्राकृतिक अनुभव बनाती हैं। एडवेंचर, फोटोग्राफी और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह स्थान शांति और रोमांच का अनोखा संगम है।

मानसून में झरने का जादुई रूप

रानीदाह जलप्रपात जशपुर जिला मुख्यालय से लगभग 15 से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जब मानसून अपने चरम पर होता है, तो यहाँ की पानी की धाराएं विशाल चट्टानों से गिरकर एक गहरे जलकुंड में मिलती हैं, जिससे एक अद्भुत दृश्य बनता है। आसपास फैली हरियाली, ताज़ी हवा और जल की गूंज यहाँ आने वाले हर आगंतुक को मंत्रमुग्ध कर देती है। यह स्थान फोटोग्राफरों और प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग समान माना जाता है।

रानी शिरोमणि की कथा से जुड़ी ऐतिहासिक पहचान

इस जलप्रपात से जुड़ी एक लोककथा आज भी लोगों के दिलों में जीवंत है। कहा जाता है कि उड़ीसा की रानी शिरोमणि अपने प्रेमी के साथ भागकर जशपुर आई थीं। उन्होंने अपने भाईयों से छिपते हुए इसी झरने के समीप आत्मसमर्पण किया, जिसके कारण इस स्थल का नाम पड़ा ‘रानीदाह’। आज भी यहाँ रानी की समाधि और ‘पंचमैया’ नामक स्थल मौजूद है, जो रानी के पाँच भाईयों की स्मृति से जुड़ा है।
झरने के पास स्थित प्राचीन शिव मंदिर इस स्थल को धार्मिक महत्त्व भी प्रदान करता है।

पर्यटन, साहस और सुविधा का संगम

यह जलप्रपात वर्ष भर सक्रिय रहता है, विशेषकर जून से फरवरी तक इसका दृश्य सबसे आकर्षक होता है। जशपुर से आरा मार्ग पर लगभग 18 किलोमीटर की दूरी पर और मुख्य सड़क से 5 किलोमीटर अंदर स्थित यह स्थल अब जिला प्रशासन द्वारा विकसित किया जा चुका है। यहाँ व्यू प्वाइंट, सीढ़ियाँ, आरामदायक पिकनिक स्थल और सुरक्षित पर्यटक मार्ग बनाए गए हैं, जिससे आगंतुक बिना कठिनाई के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद उठा सकें।

इस स्थान तक पहुँचना भी सुविधाजनक है —

  • सड़क मार्ग: जशपुर से आरा मार्ग होते हुए
  • रेल मार्ग: रांची व अंबिकापुर रेलवे स्टेशन
  • वायु मार्ग: रांची व रायपुर एयरपोर्ट से निकटतम संपर्क

रानीदाह: छत्तीसगढ़ के पर्यटन का उभरता सितारा

रानीदाह जलप्रपात न केवल छत्तीसगढ़ पर्यटन का महत्वपूर्ण स्थल है, बल्कि यह प्रकृति, इतिहास और रोमांच का जीवंत संगम भी है। यहाँ की हरियाली, ताजगी और झरनों की ध्वनि पर्यटक को एक आध्यात्मिक सुकून और आनंद का अनुभव कराती है। जशपुर का यह रत्न आज छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक पहचान बन चुका है।

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