स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डिजिटल डेस्क
हाइलाइट बॉक्स:
- पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को नमन
- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास का नया अध्याय
- 2026 तक नक्सलवाद उन्मूलन का लक्ष्य
- शहीद परिवारों के लिए विशेष सहायता योजनाएं
रायपुर। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर सोमवार को चौथी वाहिनी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, माना रायपुर में आयोजित परेड कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। दोनों ने प्रदेशवासियों की ओर से पुलिस के शहीद वीर जवानों को नमन किया और शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने शहीद पुलिस अधिकारियों एवं जवानों के परिजनों से भेंटकर संवेदना व्यक्त की तथा उन्हें शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट किए।

पुलिस स्मृति दिवस पर आयोजित परेड में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय।
राज्यपाल रमेन डेका ने अपने उद्बोधन में कहा कि पुलिस के अदम्य साहस, पराक्रम और त्याग को देश सदैव नमन करता रहेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस जवान चौबीसों घंटे तत्पर रहकर जिस निष्ठा और अनुशासन के साथ सेवा दे रहे हैं, उसी के कारण नागरिक आज शांति, सुरक्षा और विश्वास के वातावरण में जीवन व्यतीत कर पा रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि पुलिस का कार्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि नागरिकों के लिए भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने आम जनता से पुलिस के प्रति सहयोग और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने दृढ़ संकल्प और साहस के साथ नक्सलवाद की चुनौती का सामना किया है, जिसके परिणामस्वरूप इन इलाकों में शांति और विश्वास का वातावरण मजबूत हुआ है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में राज्य पूरी तरह नक्सल समस्या से मुक्त होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि 21 अक्टूबर वह दिन है जब हम उन वीर पुलिस जवानों को याद करते हैं जिन्होंने देश की सुरक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस और सुरक्षा बल कठिन परिस्थितियों में भी समाज की रक्षा में सदैव तत्पर रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस बलों ने अद्वितीय साहस का परिचय दिया है और अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि नियत नेल्ला नार, पीएम जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी योजनाओं से सुदूर अंचल के गांवों की तस्वीर बदल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के उन्मूलन की लड़ाई तेज हुई है और राज्य सरकार मार्च 2026 तक इसके पूर्ण उन्मूलन के संकल्प के साथ दृढ़तापूर्वक आगे बढ़ रही है। उन्होंने अमर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनका बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा और हमें कर्तव्य, अनुशासन एवं समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी इस अवसर पर कहा कि हमारे जवान अदम्य साहस और वीरता के साथ बस्तर में नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए निरंतर संघर्षरत हैं। वे न केवल नक्सलवाद से मुकाबला कर रहे हैं, बल्कि विकास की धारा को भी आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीदों की स्मृति को संजोए रखने और उनके परिवारों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि स्मारिका के माध्यम से शहीद जवानों के बलिदान को चिरस्थायी बनाने का निर्णय लिया गया है और शहीद परिवारों की सहायता के लिए आईजी व एसपी कार्यालयों में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने अंत में पुलिस जवानों की वीरता और समर्पण को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
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