स्वतंत्र छत्तीसगढ़
रायपुर, 10 अक्टूबर 2025
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज राजभवन में शासकीय उच्च प्राथमिक शाला मड़ानार, जिला कोण्डागांव के विद्यार्थियों और शिक्षकों से मुलाकात की। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने काष्ठ कला से निर्मित पोट्रेट भेंट किए, जो उनके रचनात्मक कौशल और मेहनत का प्रमाण थे।
विद्यालय के शिक्षक श्री शिवचरण साहू ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यालय में विद्यार्थियों को काष्ठ कला का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल कला सिखाना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में व्यावहारिक कौशल, सृजनात्मकता और आत्मविश्वास का विकास करना भी है। प्रशिक्षण के तहत विद्यार्थी मूर्तियां, पोट्रेट और अन्य उपयोगी सामग्री तैयार कर रहे हैं, जो उनके सीखने की प्रक्रिया को और रोचक बनाती है।
राज्यपाल श्री डेका ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की और इस पहल को जारी रखने के लिए 50 हजार रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों के सृजनात्मक विकास के साथ-साथ उनके समाज और संस्कृति के प्रति लगाव को भी बढ़ाती हैं।
यह भी पढ़ें: छात्र हित में ऐतिहासिक कदम: मुख्यमंत्री ने 1.98 लाख विद्यार्थियों को 84.66 करोड़ की छात्रवृत्ति ऑनलाइन जारी की…
शासकीय प्राथमिक शाला मड़ानार की प्रधानपाठिका श्रीमती हिना साहू सहित अन्य शिक्षक और विद्यार्थी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने राज्यपाल को अपने द्वारा तैयार की गई काष्ठ कला की विभिन्न चीजें दिखाईं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि कला प्रशिक्षण ने उनके कौशल में सुधार किया है और उनकी रचनात्मक सोच को भी बल दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की पहलें राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के कौशल विकास उद्देश्यों के अनुरूप हैं और बच्चों के शैक्षणिक प्रदर्शन एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती हैं। राज्यपाल की यह पहल न केवल विद्यार्थियों के कौशल को प्रोत्साहित करती है, बल्कि छत्तीसगढ़ में कला और संस्कृति को संरक्षित रखने में भी योगदान देती है।
खबरे और भी…


