स्वतंत्र छत्तीसगढ़
रायपुर : 07 अक्टूबर 2025
रायपुर स्थित जंगल सफारी की बाघिन ‘बिजली’ को इलाज के लिए गुजरात के जामनगर स्थित वन्यजीव पुनर्वास केंद्र वनतारा भेजा गया है। बाघिन बिजली पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थी। उसे यूट्रस और ओरल (मुख) इंफेक्शन है, जिसकी वजह से उसे भोजन करने में दिक्कत हो रही थी। अब उसके बेहतर इलाज और देखरेख के लिए वन विभाग ने उसे वनतारा शिफ्ट करने का निर्णय लिया है।
बाघिन की शिफ्टिंग के दौरान छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप भी जंगल सफारी पहुंचे। उन्होंने मौके पर अधिकारियों के साथ बातचीत कर पूरी स्थिति की जानकारी ली। मंगलवार शाम बाघिन को हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस के जरिए जामनगर रवाना किया गया।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों से बाघिन बिजली की तबीयत बिगड़ रही थी। रायपुर के जंगल सफारी में उसका इलाज जारी था, लेकिन स्वास्थ्य में विशेष सुधार नहीं हो रहा था। इसलिए वन्यजीव विशेषज्ञों की सलाह पर उसे वनतारा स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया।
वनतारा की टीम ने संभाली जिम्मेदारी
बाघिन को शिफ्ट करने से पहले वनतारा की एक विशेष टीम रायपुर पहुंची थी, जिसने बिजली की स्वास्थ्य स्थिति की जांच की। इसके बाद टीम ने उसे सुरक्षित रूप से शिफ्ट करने की तैयारी की। इस प्रक्रिया में वन विभाग, रेलवे, और जंगल सफारी के अधिकारी मौजूद रहे।
रिलायंस फाउंडेशन संचालित करता है वनतारा प्रोजेक्ट
गौरतलब है कि वनतारा प्रोजेक्ट गुजरात के जामनगर में रिलायंस फाउंडेशन द्वारा स्थापित एक अत्याधुनिक वन्यजीव बचाव, पुनर्वास और संरक्षण केंद्र है। इस परियोजना का प्रबंधन अनंत अंबानी करते हैं। करीब 3,500 एकड़ में फैले इस केंद्र में वन्यजीवों के लिए विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं, आधुनिक अस्पताल और प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराया गया है।
इंद्रावती टाइगर रिजर्व से हुआ था रेस्क्यू
जानकारी के अनुसार, बाघिन बिजली को पहले इंद्रावती टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू किया गया था। वहां वह घायल हो गई थी, जिसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर जंगल सफारी लाया गया था। हालांकि इलाज के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ, इसलिए अब वनतारा में उसका आगे का उपचार किया जाएगा।
वन मंत्री ने दी जानकारी
वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि बाघिन बिजली की उम्र करीब 8 वर्ष है और वह लंबे समय से बीमार चल रही थी। डॉक्टरों के मुताबिक, उसे यूट्रस और ओरल इंफेक्शन है। बेहतर उपचार और आरामदायक माहौल के लिए उसे वनतारा भेजा गया है, जहां उसका लगभग एक महीने तक इलाज और देखरेख की जाएगी।


