स्वतंत्र छत्तीसगढ़
दार्जिलिंग : 05 अक्टूबर 2025 — उत्तर बंगाल और सिक्किम में लगातार हो रही भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। अब तक कम से कम छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि परिवहन व्यवस्था और बुनियादी ढाँचे को व्यापक क्षति पहुँची है। प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि हालात गंभीर बने हुए हैं और मृतकों की संख्या में वृद्धि हो सकती है।
दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और सिक्किम जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। दार्जिलिंग के मिरिक इलाके में हुए भूस्खलन में छह लोगों की जान चली गई। वहीं, मिरिक और कुर्सियांग के बीच का अहम संपर्क मार्ग, दुदिया आयरन ब्रिज, बारिश की मार झेल नहीं पाया और ढह गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। इस हादसे से कई स्थानीय गांवों का संपर्क टूट गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 110 पर हुसैन खोला के पास भी भूस्खलन की खबर है, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं। कलिम्पोंग जिले में लगातार बारिश से सड़कें ध्वस्त, संचार लाइनें ठप, और कई क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
सिलीगुड़ी और सिक्किम को जोड़ने वाला वैकल्पिक मार्ग — राष्ट्रीय राजमार्ग 717E — भी पेडोंग और ऋषिखोला के बीच भूस्खलन से बाधित है। अधिकारियों के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क साफ करने का काम बेहद मुश्किल हो गया है।
रात भर हुई मूसलाधार बारिश के बाद दुधिया में बालासन नदी पर बना लोहे का पुल बह गया, जो सिलीगुड़ी और मिरिक के बीच मुख्य संपर्क था। फिलहाल इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह से रोक दिया गया है।
नदी किनारे रहने वाले निवासियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जबकि गरिधुरा चौकी की पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
प्रदेश प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर करीबी निगरानी रखी जा रही है और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं। दार्जिलिंग और कलिम्पोंग के हालात पर दुख व्यक्त करते हुए राज्य के अधिकारियों ने कहा है —
“दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान की खबर अत्यंत दुखद है। जनहानि, संपत्ति और बुनियादी ढांचे की क्षति गहरी चिंता का विषय है। प्रशासन प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद कर रहा है।”
संभावित खतरा अभी टला नहीं है, क्योंकि मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
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