भूषण/ स्वतंत्र छत्तीसगढ़
रायपुर : 25 सितंबर 2025 — केंद्र सरकार ने हाल ही में कई उपभोक्ता वस्तुओं पर अप्रत्यक्ष टैक्स (GST) दरों में कटौती की घोषणा की। घोषणाएँ तो भव्य थीं — लेकिन धरातल पर आम आदमी को अभी तक कोई ठोस राहत नजर नहीं आई। सीमेंट, किराना और इलेक्ट्रॉनिक्स के व्यापारियों द्वारा “एम् आर पी पर ही बिक्री” की स्थिति देखने को मिल रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि “काला बाज़ार” और “बिना कटौती का शुल्क वसूली” की प्रवृत्ति बढ़ी है।
टैक्स कटौती की घोषणा — लेकिन लाभ पहुँच नहीं रहा?
सरकार ने 22 सितंबर 2025 से GST व्यवस्था को “दो स्लैब” (5 % और 18 %) में सरल किया, एवं कई सामान्य उपयोग की वस्तुओं पर दरों में कटौती की।
लेकिन कटौती के बावजूद दुकानों पर उपभोक्ताओं को पुरानी कीमतों पर ही सामान मिल रहा है। सीमेंट विक्रेता, किराना मालिक और इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानदारों का कहना है कि उनकी लागत या सप्लायर दरें अभी नहीं बदली हैं, इसलिए वे तुरंत एमआरपी कम नहीं कर पा रहे।
कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि लाभ “केवल कागज़ों में” दिखाया जा रहा है — रिफ्लेक्शन दुकानों पर नहीं।
यह भी पढ़ें; राशिफल : 25 सितम्बर 2025; जाने कैसा रहेगा आपके लिए आज का दिन …
सेक्टरवार अनुभव — कहाँ मिली राहत, कहाँ नहीं?
| सेक्टर | स्थिति / दावा | टिप्पणियाँ |
|---|---|---|
| ऑटोमोबाइल | स्पष्ट राहत व कीमतों में कटौती | छोटे पेट्रोल-कारों पर GST दर 28 % से घटाई गई और उपयुक्त cess हटाया गया। मगर उद्योग को अभी भी “पारदर्शिता” और “antiprofiteering” की चुनौतियाँ हैं। |
| इलेक्ट्रॉनिक्स / उपभोक्ता वस्तुएँ | मिश्रित परिणाम | कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों पर दरें कम हुईं, जिससे ग्राहकों में उत्साह दिख रहा है। लेकिन सभी उत्पादों पर कटौती नहीं हुई — जैसे मोबाइल फोन पर GST दर अभी नहीं बदली है। |
| किराना / खाद्य / सीमेंट | कटौती का लाभ नहीं दिख रहा | सीमेंट और रोजमर्रा की किराना वस्तुओं में MRP में बदलाव नहीं हुआ। किराना विक्रेता तर्क देते हैं कि थोक दरों, परिवहन शुल्क और अन्य लागत में अभी परिवर्तन नहीं हुआ। |
| काला बाज़ार व “छिपे शुल्क” | शिकायतें बढ़ी हैं | उपभोक्ता आरोप लगाते हैं कि दुकानदार टैक्स कटौती का लाभ मोलभाव या “ऑफ द रिकॉर्ड” लेन-देनों में काट लेते हैं। सरकार ने ऐसे मामलों के लिए शिकायत नम्बर्स और पोर्टल आरंभ किए हैं ताकि उपभोक्ता अपने अधिकार रख सकें। |
शिकायत और कार्रवाई: सरकार का रुख
GST कटौती का लाभ न मिलने की शिकायतों को देखते हुए सरकार ने कदम उठाए हैं:
- उपभोक्ताओं को कहा गया है कि वे 1915 (टोल-फ्री) या WhatsApp नंबर 8800001915 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराएँ।
- केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर विभाग (CBIC) ने भी यह कहा है कि अगर व्यापारी टैक्स कटौती का लाभ नहीं उपभोक्ता तक पहुँचाते हैं, तो कार्रवाई की जाएगी।
- पंजाब के वित्त मंत्री खुद मानते हैं कि लाभ को उपभोक्ताओं तक पहुँचाना बड़ी चुनौती होगी, और सरकार इस पर नज़र रखेगी।
विशेषज्ञ दृष्टिकोण
- अर्थशास्त्रियों का कहना है कि कर कटौती तभी असर दिखाएगी जब पूरी सप्लाई चेन में कटौती हो — थोक विक्रेता, परिवहन, स्टॉक आदि में बदलाव हो।
- यदि दुकानदार “काले धन” या ऑफ-द-बुक बिक्री को बढ़ाते हैं, तो यह उपाय उपभोक्ता तक नहीं पहुंच पाएगा।
- सरकार को “antiprofiteering” व्यवस्था को सख्ती से लागू करना चाहिए, ताकि टैक्स लाभ शीर्ष से नीचे तक पहुँच सके।
गौरतलब है कि कटौती की घोषणा ज़रूर बड़ी रही — लेकिन जनता की खरीद क्षमता पर अभी तक वास्तविक असर नहीं दिखा। ऑटोमोबाइल क्षेत्र में राहत स्पष्ट है, लेकिन अन्य क्षेत्रों में “स्थिति यथावत” ही बनी हुई है। यदि सरकार और निगरानी एजेंसियाँ समय रहते प्रभावी कार्रवाई न करें, तो ये टैक्स सुधार “कागज़ों पर राहत” ही साबित होंगे, धरातल पर नहीं।
वेबसाईट- www.swatantrachhattisgarh.com के व्हाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक: https://chat.whatsapp.com/BbNFAy9gDg1E4s1kHkjJrG फेसबुक से जुड़ने के लिए लिंक: https://www.facebook.com/profile.php?id=61566212073238 यूट्यूब से जुड़ने के लिए लिंक : https://www.youtube.com/@swatantrachhattisgarh whatsapp चैनल से जुड़ने के लिए लिंक :https://whatsapp.com/channel/0029VaSGTZ1Lo4hYCjY45G2q ट्विटर से जुड़ने के लिए लिंक: https://x.com/c35509 (विज्ञापन एवं न्यूज़ के लिए संपर्क :(94252-44276)


