बिलासपुर : 02 अगस्त 2025
छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (सिम्स), बिलासपुर की अव्यवस्था पर हाईकोर्ट ने गंभीर नाराजगी जताई है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बी.डी. गुरु की डिवीजन बेंच ने सिम्स के डीन और कलेक्टर से शपथपत्र के साथ विस्तृत जवाब तलब किया है। अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।
हाईकोर्ट ने छात्रावासों में पॉलिथिन में खाना रखे जाने और परिसर में गंदगी फैलने की शिकायतों पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने इसे शासन व प्रबंधन की लापरवाही बताया। सुनवाई में एडवोकेट जनरल ने बताया कि कुछ छात्र बाहर से मंगाया खाना फेंक देते हैं, जबकि मेस में अच्छा भोजन तैयार होता है।
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सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी पूछा कि सिम्स डीन के पास उपलब्ध 95 लाख रुपये फंड का उपयोग अब तक क्यों नहीं किया गया। यह राशि दवाओं की खरीदी और संसाधनों की व्यवस्था के लिए दी गई थी। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अगली सुनवाई से पहले डीन और कलेक्टर यह बताएं कि गंदगी रोकने, फंड के उपयोग और चिकित्सा सेवाओं में सुधार के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
उधर, कोर्ट की सख्ती के बाद सिम्स प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से हॉस्टलों में पॉलिथिन पर प्रतिबंध लगाते हुए छात्रों को सिर्फ टिफिन में ही खाना मंगाने की अनुमति दी है। टिफिन भी खुले में न रखकर परिजन या गार्ड के कमरे में ही रखना होगा।
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