बिलासपुर : 01 अगस्त 2025
नगर निगम और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TCP) विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। फर्जी आर्किटेक्ट “विकास सिंह” के नाम पर 400 से ज्यादा नक्शे और 150 से अधिक ले-आउट पास कराए गए। जांच में पता चला कि विकास सिंह नाम का कोई आर्किटेक्ट अस्तित्व में ही नहीं है। यह फर्जीवाड़ा निगम के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से पिछले 10 वर्षों से चल रहा था।
यह भी पढ़े : हाईवे पर मवेशियों की मौतों पर हाईकोर्ट सख्त, मुख्य सचिव और NHAI अफसरों से मांगा जवाब…
13 मई को महुआ होटल में अवैध निर्माण पर कार्रवाई के दौरान घोटाले का खुलासा हुआ। होटल का नक्शा विकास सिंह द्वारा सुपरवाइज किया गया था। जांच के बाद 24 जुलाई को विकास सिंह का लाइसेंस ब्लैकलिस्ट किया गया। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स ने भी विकास सिंह के अस्तित्व से इनकार किया।
एक ही दिन में 29 फाइलें पास होना अधिकारियों की मिलीभगत की पुष्टि करता है। पूरे मामले को अब आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) को सौंपने की तैयारी है। FIR की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और आने वाले दिनों में कई बड़े अधिकारियों के नाम सामने आने की संभावना है।
खबरे और भी…


