बिलासपुर : 31 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि यदि विभागीय गलती के कारण कर्मचारियों को अधिक वेतन मिल गया हो, तो उनसे वह राशि वापस नहीं ली जा सकती। यह फैसला दुर्ग जिले के बघेरा एसटीएफ के आरक्षक दिव्य कुमार साहू व अन्य कर्मचारियों के मामले में सुनाया गया।
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हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार की अपील खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि विभागीय त्रुटियों का खामियाजा कर्मचारियों को नहीं भुगतना चाहिए। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के State of Punjab vs. Rafiq Masih (2015) फैसले का हवाला देते हुए कहा कि तृतीय या चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से इस तरह की वसूली संविधान में प्रदत्त आर्थिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
बेंच ने न केवल वसूली आदेश को निरस्त किया, बल्कि पहले से वसूली गई राशि को 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने के निर्देश भी दिए। कोर्ट ने कहा कि वेतन निर्धारण में गलती सरकार की जिम्मेदारी है, और उसकी सजा कर्मचारियों को नहीं दी जा सकती।
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