दुर्ग : 31 जुलाई 2025
दुर्ग स्टेशन पर मानव तस्करी और जबरन धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार नन प्रीति मैरी, वंदना फ्रांसिस समेत तीन आरोपियों की जमानत याचिका पर बुधवार को अतिरिक्त सत्र न्यायालय में सुनवाई हुई। न्यायाधीश अनीश दुबे की कोर्ट ने कहा कि धारा 143 बीएनएस के अंतर्गत यह मामला एनआईए अधिनियम के दायरे में आता है। ऐसे में सुनवाई विशेष एनआईए कोर्ट में ही संभव है।
अदालत ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे अपना आवेदन वापस लें, अन्यथा उसे खारिज कर दिया जाएगा। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि तीनों लड़कियां पहले से ईसाई हैं और वे स्वेच्छा से आगरा जा रही थीं, जबकि अभियोजन पक्ष ने इसे एनआईए अधिनियम के तहत गंभीर मामला बताया।
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इस बीच, सीपीआई (एम) नेता बृंदा करात समेत विपक्षी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने जेल में बंद ननों से मुलाकात की और आरोपों को राजनीति से प्रेरित और फर्जी बताया।
मामला संसद तक भी पहुंचा। भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस पर आदिवासी क्षेत्रों में धर्मांतरण फैलाने का आरोप लगाया, जबकि सांसद विजय बघेल ने इसे सुनियोजित षड्यंत्र करार दिया और आदिवासी अस्मिता की रक्षा की बात कही।
अब अगली सुनवाई एनआईए स्पेशल कोर्ट में होगी।
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