रायपुर : 22 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग में सोमवार को महिला प्रताड़ना से जुड़े दो गंभीर मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें पीड़ित महिलाओं ने अपने साथ हुए अन्याय की जानकारी दी। आयोग ने दोनों ही मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
पहला मामला : एक युवती ने आयोग को बताया कि उसकी शादी ऐसे युवक से करवाई गई जो मानसिक रूप से अस्वस्थ था। युवती के अनुसार, उसके ससुराल वालों को इस स्थिति की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने जानबूझकर विवाह करवाया। बीते 7 वर्षों से युवती के पिता ही उसके पति की देखभाल और इलाज का खर्च उठा रहे हैं, जबकि ससुराल पक्ष ने कोई सहयोग नहीं किया।
आयोग ने युवक को मानसिक रोगी अस्पताल सेंद्री, बिलासपुर में इलाज के लिए भेजने और ससुराल वालों को युवती को छह माह के भरण-पोषण हेतु 12 हजार रुपए देने के निर्देश दिए। मामले का अंतिम निर्णय छह माह बाद लिया जाएगा।
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दूसरा मामला : एक अन्य महिला ने बताया कि उसकी दो बेटियां हैं, और दूसरी बेटी के जन्म के बाद ससुराल वालों ने उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। महिला के अनुसार, उसकी सास ने पति की दूसरी शादी कराने के लिए उसे मानसिक रोगी बताकर जबरन दवाइयां खिलाने की कोशिश की। विरोध करने पर उसे घर से निकाल दिया गया और दोनों बेटियों को भी छीन लिया गया। इस मामले में आयोग ने महिला को ससुराल पक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
आयोग की सख्त चेतावनी: दोनों मामलों में आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों का हनन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और पीड़ित महिलाओं को हरसंभव न्याय दिलाया जाएगा।
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