रायपुर : 22 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। ईडी का दावा है कि चैतन्य को इस घोटाले से 16.70 करोड़ रुपए मिले, जिन्हें वैध दिखाने के लिए उसने अपनी रियल एस्टेट कंपनियों का इस्तेमाल किया। इन पैसों से उसने प्रोजेक्ट डेवलपमेंट, ठेकेदारों को नकद भुगतान और नकदी के बदले बैंक एंट्री जैसे काम किए।
जांच में सामने आया है कि चैतन्य ने त्रिलोक सिंह ढिल्लन से सांठगांठ कर उनकी कंपनियों और कर्मचारियों के नाम का भी उपयोग किया। ‘विट्ठलपुरम प्रोजेक्ट’ में फ्लैट खरीदने के नाम पर उसने ढिल्लन के माध्यम से 5 करोड़ रुपए प्राप्त किए। बैंक रिकॉर्ड से पुष्टि हुई है कि ढिल्लन को शराब सिंडिकेट से पैसे मिले थे।
ईडी ने यह भी खुलासा किया है कि चैतन्य को घोटाले से करीब 1000 करोड़ रुपए और मिले, जिन्हें अनवर ढेबर और अन्य साथियों की मदद से इधर-उधर किया गया। यह रकम बघेल परिवार के करीबी सहयोगियों के माध्यम से विभिन्न निवेशों में लगाई गई।
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इस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने आज मंगलवार को दोपहर 12 से 2 बजे तक प्रदेशव्यापी चक्काजाम का ऐलान किया है। चक्काजाम सभी राष्ट्रीय राजमार्गों, जिला मुख्यालयों, और सीमा मार्गों पर किया जाएगा। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है।
इधर, ईओडब्ल्यू ने भी कार्रवाई तेज करते हुए चार्टर्ड अकाउंटेंट संजय मिश्रा, उनके भाई मनीष मिश्रा और अभिषेक सिंह को गिरफ्तार किया है। अभिषेक, आबकारी घोटाले के आरोपी अरविंद सिंह का भतीजा है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 26 जुलाई तक 5 दिन की रिमांड पर भेजा है।
घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई बड़े नामों की संलिप्तता उजागर होती जा रही है, जिससे प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
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