प्रयागराज : 14 जनवरी 2025 (स्वतंत्र छत्तीसगढ़ )
महाकुंभ का पहला अमृत स्नान (शाही स्नान) मंगलवार सुबह 6.15 बजे से शुरू हुआ। संन्यासियों के हाथों में तलवार-त्रिशूल, डमरू। पूरे शरीर पर भभूत। घोड़े और रथ की सवारी। हर-हर महादेव का उद्घोष करते हुए नागा साधु-संत संगम पहुंच रहे हैं। निर्वाणी-निरंजनी अखाड़े के संत स्नान कर चुके हैं। अब महाकुंभ के सबसे बड़े जूना अखाड़े के संत संगम के लिए निकले हैं। किन्नर संत भी उनके साथ हैं। नागा साधु-संत करतब दिखाते हुए संगम तक पहुंच रहे हैं। नागा साधुओं का अमृत स्नान देखने के लिए संगम क्षेत्र में 15 से 20 लाख श्रद्धालु हैं। देश-दुनिया से आए भक्त साधु-संतों का आशीर्वाद लेने के लिए उत्सुक हैं। कोई पैर छूने के लिए दौड़ रहा है तो कोई उनकी चरण रज माथे से लगा रहा है।फिलहाल महाकुंभ में 60 हजार पुलिसकर्मी और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात हैं। प्रयागराज में वाहनों की एंट्री रोक दी गई है।
संगम जाने वाले सभी रास्तों में 8 से 10 किमी तक श्रद्धालुओं का रेला है। स्नान के लिए सभी 13 अखाड़ों को अलग-अलग 30-40 मिनट का समय दिया है। संगम पर दुनियाभर का मीडिया और 50 से ज्यादा देशों के श्रद्धालु हैं।
ख़बरें और भी…