कोलकाता / पश्चिम बंगाल
हाइलाइट
- पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने विधानसभा भंग करने का नोटिफिकेशन जारी किया
- कोलकाता में BJP सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां तेज
- तमिलनाडु में TVK को बहुमत साबित करने की चुनौती
- DMK और AIADMK के बीच बैकचैनल बातचीत की चर्चा
- केरल और असम में भी चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राज्यपाल आरएन रवि ने गुरुवार शाम विधानसभा भंग करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। इसके साथ ही ममता बनर्जी सरकार कार्यवाहक स्थिति में पहुंच गई है और मंत्रियों की प्रशासनिक शक्तियों पर असर पड़ा है। इससे पहले ममता बनर्जी ने साफ कहा था कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। दूसरी ओर, कोलकाता में भाजपा सरकार के संभावित शपथ ग्रहण की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। परेड ग्राउंड में 9 मई को प्रस्तावित समारोह को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। इसी बीच हावड़ा के शिवपुर इलाके में भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबर भी सामने आई। बुधवार रात शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद राज्य का माहौल और तनावपूर्ण हो गया है।

तमिलनाडु में सरकार गठन पर बना असमंजस
तमिलनाडु में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण सरकार गठन पर सस्पेंस बना हुआ है। अभिनेता विजय की पार्टी TVK ने 108 सीटें हासिल की हैं, लेकिन बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है। कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन मिलने के बावजूद पार्टी संख्या से दूर दिखाई दे रही है। राज्यपाल ने TVK से बहुमत का दस्तावेजी प्रमाण मांगा है। उधर AIADMK ने अपने 28 विधायकों को पुडुचेरी के रिसॉर्ट में शिफ्ट कर दिया है, जिससे राजनीतिक अटकलें और तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि DMK और AIADMK के बीच भी बैकचैनल बातचीत चल रही है। चर्चा इस बात की है कि AIADMK सरकार बनाए और DMK बाहर से समर्थन दे सकती है। हालांकि दोनों दलों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कांग्रेस और सहयोगी दलों के बयान से बढ़ी सियासी गर्मी
तमिलनाडु में कांग्रेस ने विजय और TVK का समर्थन करते हुए उन्हें “सेक्युलर विकल्प” बताया है। वहीं DMK ने कांग्रेस पर गठबंधन तोड़ने का आरोप लगाया और विधायक दल की बैठक में चार प्रस्ताव पारित किए। कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा का मुकाबला केवल कांग्रेस ही कर सकती है। दूसरी ओर VCK, CPI और CPM जैसे दल भी समर्थन को लेकर लगातार बैठकों में जुटे हुए हैं। CPI(M) और CPI नेताओं ने कहा कि TVK ने औपचारिक समर्थन पत्र भेजा है और पार्टी स्तर पर फैसला लिया जाएगा। राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि बहुमत का फैसला सदन में होना चाहिए, न कि राजभवन में।
केरल और असम में भी बदला राजनीतिक माहौल
केरल विधानसभा चुनाव में LDF की हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए जनादेश स्वीकार करने की बात कही। वहीं UDF और कांग्रेस नेताओं की तिरुवनंतपुरम में लगातार बैठकें जारी हैं। असम में NDA सरकार के शपथ ग्रहण की तारीख 12 मई तय की गई है। गुवाहाटी में होने वाले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है। दूसरी ओर AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने कांग्रेस की रणनीति को विपक्ष की कमजोरी का कारण बताया है।
बंगाल में कानून-व्यवस्था और राष्ट्रपति शासन पर बहस
पश्चिम बंगाल में हिंसा और राजनीतिक तनाव के बीच भाजपा नेताओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। BJP नेता दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि TMC ऐसा माहौल बना रही है जिससे राष्ट्रपति शासन लागू करने की स्थिति पैदा हो। वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कोलकाता पहुंचकर ममता बनर्जी से मुलाकात की और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। बंगाल में लगातार बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच अब सभी की नजर अगले कुछ दिनों के घटनाक्रम और नई सरकार के गठन पर टिकी हुई है।
ख़बरें और भी…


