रायपुर / छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स:
- छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर NSUI का प्रदर्शन
- प्रदेशभर से पहुंचे सैकड़ों छात्र-युवा कार्यकर्ता
- बैरिकेड तोड़ने की कोशिश में पुलिस से हल्की झड़प
- राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय रहे मौजूद
- 15 दिन में चुनाव तिथि घोषित नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
रायपुर में बुधवार को छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर NSUI ने मुख्यमंत्री निवास घेराव का प्रयास किया। प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय के नेतृत्व में प्रदेशभर से पहुंचे सैकड़ों छात्र-युवा कार्यकर्ताओं ने बूढ़ापारा से रैली निकालकर सीएम हाउस की ओर कूच किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “छात्र हित में चुनाव कराओ” और “लोकतंत्र बहाल करो” जैसे नारे लगाए। सीएम हाउस के पास पहुंचने पर कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, जिसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प भी हुई।
छात्र हितों की अनदेखी का आरोप
NSUI कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे छात्रों की आवाज दब रही है। संगठन ने सरकार पर छात्र हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्रसंघ लोकतंत्र की पहली पाठशाला है और चुनाव नहीं कराना युवाओं की भागीदारी को कमजोर करना है। NSUI ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर चुनाव की तारीख घोषित नहीं की गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
विनोद जाखड़ ने सरकार पर साधा निशाना
कार्यक्रम में NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ भी शामिल हुए। रायपुर पहुंचने पर स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया गया, जिसके बाद महिला थाना चौक स्थित जनसंपर्क कार्यालय से विशाल रैली निकाली गई। जाखड़ ने कहा कि छात्र हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है और NSUI इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने छात्रसंघ चुनाव बहाल करने के साथ युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग भी सरकार से की।
शिक्षा और बेरोजगारी को लेकर संघर्ष जारी
प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने कहा कि राज्य के छात्र शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और छात्र अधिकारों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने का माध्यम हैं और इन्हें बंद कर युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने दावा किया कि NSUI छात्र हितों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से लड़ती रहेगी।
सुरक्षा के बीच कई कार्यकर्ता हिरासत में
प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यमंत्री निवास के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने सीएम हाउस की ओर बढ़ रहे कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में वर्ष 2018 के बाद से नियमित छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं। कोरोना महामारी और अन्य प्रशासनिक कारणों से चुनाव लगातार टलते रहे हैं। NSUI और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सहित कई छात्र संगठन लंबे समय से चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं।
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