कोलकाता / पश्चिम बंगाल
हाइलाइट
- सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी की याचिका खारिज की
- काउंटिंग प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं होगा
- चुनाव आयोग के निर्देशों को मिली वैधता
- 4 मई को तय नियमों के अनुसार होगी मतगणना
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के चुनाव परिणाम से ठीक पहले सियासी माहौल में बड़ा मोड़ देखने को मिला है। सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें मतगणना के दौरान केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती पर सवाल उठाए गए थे। अदालत ने साफ कर दिया कि कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। इस फैसले को टीएमसी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि अब मतगणना प्रक्रिया में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट रुख
सुनवाई के दौरान अदालत ने चुनाव आयोग के आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया, जिसमें कहा गया कि सभी नियमों और दिशानिर्देशों का पालन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि काउंटिंग स्टाफ केंद्र या राज्य, किसी भी स्रोत से लिया जा सकता है और इसमें कोई कानूनी बाधा नहीं है। इस टिप्पणी ने चुनाव आयोग के फैसले को पूरी तरह से मजबूती प्रदान की है।
विवाद की जड़ क्या थी?
पूरा विवाद 30 अप्रैल को जारी एक सर्कुलर से शुरू हुआ था, जिसमें हर काउंटिंग टेबल पर कम से कम एक केंद्रीय कर्मचारी या PSU से जुड़े कर्मचारी की तैनाती अनिवार्य की गई थी। टीएमसी ने आरोप लगाया कि इससे निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है और बीजेपी के प्रभाव की आशंका जताई। पार्टी की मांग थी कि हर टेबल पर राज्य सरकार के कर्मचारी की भी अनिवार्य भागीदारी होनी चाहिए, ताकि संतुलन बना रहे।
कपिल सिब्बल की दलीलें और कोर्ट की प्रतिक्रिया
टीएमसी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कई तर्क रखे, जिनमें पारदर्शिता की कमी, अतिरिक्त पर्यवेक्षकों की आवश्यकता और नियमों के उल्लंघन जैसे मुद्दे शामिल थे। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि मौजूदा नियमों के तहत यह प्रक्रिया पूरी तरह वैध है। कोर्ट ने दो टूक कहा कि “किसी नए आदेश की आवश्यकता नहीं है।”
आगे की स्थिति: तय समय पर होगी मतगणना
अब कलकत्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों की मुहर लगने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि 4 मई को मतगणना निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही संपन्न होगी। इस फैसले ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर सभी अनिश्चितताओं को समाप्त कर दिया है और अब सभी की नजरें परिणामों पर टिकी हैं।
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