दुर्ग-भिलाई / छत्तीसगढ़
मुख्य बिंदु
- मोहन नगर थाना क्षेत्र में 96 प्रतिबंधित कैप्सूल बरामद
- कुल जब्ती रकम 39,200 रुपये आंकी गई
- दो आरोपी एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार
- जामुल में घरेलू विवाद में महिला पर धारदार हथियार से हमला
- मुख्य आरोपी को पुलिस ने तुरंत किया गिरफ्तार
नशीली दवाओं के खिलाफ कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग जिले में पुलिस ने अवैध नशीली दवाओं के कारोबार के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए मोहन नगर थाना क्षेत्र में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आशा नगर स्थित खंडहर सुलभ के पास दो व्यक्ति प्रतिबंधित कैप्सूल बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से 96 नग प्रतिबंधित स्पैमसो प्लस कैप्सूल बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 38,400 रुपये है। इसके साथ ही 800 रुपये नगद भी जब्त किए गए।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अवैध लाभ कमाने के उद्देश्य से इन नशीली दवाइयों की बिक्री कर रहे थे। इस मामले में मोहन नगर थाना में अपराध क्रमांक 238/2026 दर्ज करते हुए आरोपियों शंभूराम साहू (63 वर्ष) और नंद कुमार यादव (25 वर्ष) के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 8, 22 और 27(ए) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। इस कार्रवाई को नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
घरेलू विवाद बना हिंसक, आरोपी गिरफ्तार
वहीं दूसरी घटना में जामुल थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आदित्य नगर निवासी हर्षा माण्डरे ने शिकायत दर्ज कराई कि वह अपनी भतीजी के घर हाउसिंग बोर्ड भिलाई में रुकी हुई थी। इसी दौरान भतीजी के पति ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और घर में रखे धारदार हथियार से हमला कर दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी सुदीप जाधव (40 वर्ष) को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है और घटना में प्रयुक्त हथियार भी जब्त कर लिया गया है।
पुलिस की तत्परता से बढ़ा भरोसा
दो अलग-अलग मामलों में त्वरित कार्रवाई से दुर्ग पुलिस की सक्रियता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबद्धता साफ झलकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी सख्त कार्रवाई से अपराधियों में भय का माहौल बनेगा और आम नागरिकों का पुलिस पर भरोसा और मजबूत होगा।
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