बिलासपुर / छत्तीसगढ़
हाइलाइट :
• फर्जी मैरिज ब्यूरो बनाकर लोगों से ठगी
• म्यूल अकाउंट की जांच से खुला पूरा नेटवर्क
• कॉल सेंटर में दबिश, 4 आरोपी गिरफ्तार
• 10 कंप्यूटर, 70 मोबाइल और नकदी बरामद
म्यूल अकाउंट की जांच से खुला बड़ा फर्जीवाड़ा
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित मैट्रिमोनियल गैंग का खुलासा किया है। यह गिरोह फर्जी बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के जरिए ‘मैरिज ब्यूरो’ चलाकर लोगों से पैसे ऐंठ रहा था। मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस म्यूल अकाउंट की जांच कर रही थी। जांच में सामने आया कि खाताधारकों के नाम पर संचालित खातों का उपयोग अन्य लोग कर रहे थे और इनमें मैरिज ब्यूरो के नाम पर रकम जमा हो रही थी। यह पूरा मामला सरकंडा थाना क्षेत्र से जुड़ा है।
कॉल सेंटर बनाकर चल रहा था ठगी का नेटवर्क
सीएसपी निमितेश सिंह के अनुसार ACCU टीम को पहले से म्यूल खातों के जरिए ठगी की सूचना मिल रही थी। इसी आधार पर पुलिस ने सरकंडा और कोतवाली थाना क्षेत्रों में संचालित संदिग्ध कॉल सेंटरों पर नजर रखी। बाद में एक मैरिज ब्यूरो के नाम पर चल रहे कॉल सेंटर में दबिश दी गई, जहां संचालक और सहयोगी सक्रिय मिले। पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिससे पता चला कि यह गिरोह संगठित तरीके से लोगों को निशाना बना रहा था।
फर्जी प्रोफाइल से भरोसा जीतकर ऐंठते थे पैसे
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह शादी के इच्छुक लोगों को झांसा देकर उनसे रजिस्ट्रेशन या प्रोफाइल शुल्क के नाम पर पैसे जमा कराता था। इसके बाद ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए फर्जी प्रोफाइल बनाकर उनसे बातचीत की जाती थी, ताकि वे भावनात्मक रूप से जुड़ जाएं और भरोसा कर लें। ACCU टीम की जांच में लाखों रुपए के ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है। कार्रवाई के दौरान 10 कंप्यूटर सेटअप, 70 मोबाइल फोन और 20 हजार रुपए नकद बरामद किए गए।
चार आरोपी गिरफ्तार, वकील भी शामिल
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक वकील भी शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों में फुलेश्वर प्रसाद श्रीवास, महारथी साहु, तरुणा उर्फ सोनू खरे और नीरा बाथम शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी मिलकर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे और म्यूल अकाउंट के जरिए पैसे ट्रांसफर कर रहे थे।
बिहार के युवक की शिकायत से खुला मामला
इस ठगी का खुलासा बिहार के एक युवक की शिकायत के बाद हुआ। युवक ने आरोप लगाया था कि उसे शादी के लिए लड़की का प्रोफाइल दिखाने का झांसा देकर 10 हजार रुपए जमा कराए गए, लेकिन बाद में कोई प्रोफाइल उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बाद उसे ठगी का एहसास हुआ और उसने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। इसी शिकायत के आधार पर बिलासपुर पुलिस ने जांच शुरू की और पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया।
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