कोरबा / छत्तीसगढ़
गेवरा-दीपका स्थित अस्पताल में ड्यूटी कटौती के आरोप, कर्मचारियों ने समान व्यवस्था लागू करने की उठाई मांग
हेडलाइंस
- संडे ड्यूटी कटौती के विरोध में कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
- नेहरू शताब्दी चिकित्सालय में कुछ देर प्रभावित रहा कामकाज
- कर्मचारियों ने समान ड्यूटी व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई
- कार्यालय अधीक्षक के खिलाफ जांच की भी मांग
- प्रबंधन ने रोस्टर व्यवस्था और उच्च अधिकारियों के निर्देशों का दिया हवाला
कोरबा। गेवरा-दीपका स्थित नेहरू शताब्दी चिकित्सालय में रविवार को संडे ड्यूटी को लेकर कर्मचारियों का आक्रोश सामने आया। ड्यूटी कटौती के विरोध में कर्मचारियों ने काम बंद कर प्रदर्शन किया और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। कर्मचारियों का आरोप है कि संडे ड्यूटी में कटौती किए जाने से कर्मचारियों के बीच असमानता की स्थिति बन रही है।
सभी कर्मचारियों को समान ड्यूटी देने की मांग
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि नेहरू शताब्दी चिकित्सालय केंद्रीय अस्पताल है, जहां गेवरा, दीपका, कुसमुंडा, बांकीमोंगरा, देलवाड़ीह और कोरबा सहित कई क्षेत्रों से प्रतिदिन लगभग 300 ओपीडी मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अस्पताल में कार्यभार लगातार बना रहता है, इसलिए सभी कर्मचारियों को समान रूप से संडे ड्यूटी दी जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि या तो सभी कर्मचारियों की संडे ड्यूटी लगाई जाए या फिर किसी की भी नहीं लगाई जाए।
कार्यालय अधीक्षक के खिलाफ जांच की मांग
विरोध प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कार्यालय अधीक्षक के खिलाफ जांच की मांग भी उठाई। कर्मचारियों का आरोप है कि ड्यूटी निर्धारण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। प्रदर्शन के कारण अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति भी बनी रही।
प्रबंधन ने दी रोस्टर के अनुसार कार्य करने की समझाइश
विरोध की सूचना मिलने पर गेवरा एरिया की कार्मिक प्रबंधक सुधा शिंदे अस्पताल पहुंचीं और कर्मचारियों से चर्चा की। उन्होंने कर्मचारियों को रोस्टर व्यवस्था के अनुसार कार्य करने तथा कर्तव्यनिष्ठा से अपने दायित्व निभाने की समझाइश दी। उन्होंने कहा कि अन्य एरिया में भी संडे ड्यूटी नहीं दी जा रही है और यह व्यवस्था व्यापक स्तर पर लागू की जा रही है। इस दौरान प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार, कार्यालय स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मचारी भी मौजूद रहे।
रविवार ओपीडी सेवा बंद करने का लिया गया निर्णय
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजयलक्ष्मी धान ने स्पष्ट किया कि उच्च प्रबंधन के निर्देश पर रविवार की ओपीडी सेवा बंद करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि अस्पताल के इनडोर वार्ड पहले की तरह संचालित रहेंगे। उन्होंने कहा कि इसी कारण कुछ कार्यालयीन कर्मचारियों की संडे ड्यूटी नहीं लगाई गई है। डॉ. धान ने यह भी स्वीकार किया कि पहले सभी कर्मचारियों को संडे ड्यूटी का लाभ मिल रहा था।
कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच बनी चर्चा की स्थिति
अस्पताल में संडे ड्यूटी को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, वहीं प्रबंधन का कहना है कि व्यवस्था उच्च अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार संचालित की जा रही है।
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