राजनांदगांव / छत्तीसगढ़
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव मेहुल मारु का नाम सूची से हटने पर कांग्रेस ने जताई नाराजगी, निर्वाचन आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
हेडलाइंस
- कांग्रेस नेता मेहुल मारु का नाम मतदाता सूची से गायब
- जिला निर्वाचन कार्यालय में दर्ज कराई गई शिकायत
- कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला और राजनीतिक षड्यंत्र बताया
- निर्वाचन आयोग पर भाजपा के दबाव में काम करने का आरोप
- मामले को लेकर आंदोलन की तैयारी में कांग्रेस
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग की एसआईआर प्रक्रिया को लेकर राजनांदगांव में नया विवाद सामने आया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव मेहुल मारु का नाम मतदाता सूची से गायब होने के बाद कांग्रेस ने निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मामले का खुलासा होते ही कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली। इसके बाद जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।
बूथ कमेटी गठन के दौरान हुआ खुलासा
प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा बूथ स्तर पर मतदाताओं की समीक्षा और संगठन को मजबूत करने के लिए सभी जिलों में बूथ कमेटियों के गठन के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार द्वारा विभिन्न बूथों पर प्रदेश स्तर के नेताओं को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी दौरान यह सामने आया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव मेहुल मारु का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है।
दस्तावेज जमा करने के बावजूद नाम हटाने का आरोप
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मेहुल मारु और उनके परिवार द्वारा निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सभी आवश्यक दस्तावेज और आवेदन समय पर जमा किए गए थे। इसके बावजूद उनका नाम सूची से हटा दिया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह सामान्य प्रशासनिक त्रुटि नहीं, बल्कि विपक्ष समर्थित मतदाताओं को निशाना बनाने की सुनियोजित कोशिश है। जानकारी के अनुसार, मतदान केंद्र क्रमांक 154 में परिवार के छह सदस्यों में से केवल चार नाम ही सूची में मौजूद हैं, जबकि मेहुल मारु और उनकी पत्नी का नाम गायब है।
निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर उठे सवाल
शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद कई कांग्रेस समर्थकों और कार्यकर्ताओं के नाम बिना किसी सूचना के मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर की समीक्षा के दौरान इस पूरे मामले का खुलासा हुआ है। कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन आयोग पर भाजपा के दबाव में काम करने और चुनावी लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से मतदाता सूची में छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है।
निर्वाचन अधिकारी ने दी सफाई
मामले पर प्रभारी निर्वाचन अधिकारी प्रकाश टंडन ने कहा कि संबंधित पक्ष द्वारा एसआईआर का फॉर्म जमा नहीं किया गया था, जिसके आधार पर पंचनामा तैयार किया गया है। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं समय पर पूरी की गई थीं। अब इस मामले को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
प्रदेश स्तर पर आंदोलन की तैयारी
कांग्रेस ने इस मुद्दे को लोकतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया और मतदाता सूची में त्रुटियों को ठीक नहीं किया गया, तो जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि यदि वरिष्ठ पदाधिकारियों का नाम भी सुरक्षित नहीं रह पा रहा है, तो आम मतदाताओं की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
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