कोलकाता / छत्तीसगढ़
हाइलाइट :
- हाजरा में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, भारी भीड़ उमड़ी
- अमित शाह का बड़ा ऐलान—15 दिन बंगाल में डेरा
- भबानीपुर सीट पर सीधा मुकाबला, सियासी बयानबाजी तेज
- तृणमूल ने किया पलटवार, बयान को बताया “राजनीतिक अतिशयोक्ति”
हाजरा में शक्ति प्रदर्शन, शाह का बड़ा ऐलान
Amit Shah ने Kolkata के हाजरा चौराहे पर आयोजित ‘विजय संकल्प सभा’ से विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा का बिगुल फूंका। उन्होंने घोषणा की कि वे चुनाव के दौरान 15 दिनों तक राज्य में रहकर पार्टी के अभियान को गति देंगे। अपने संबोधन में उन्होंने मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर सीधा हमला करते हुए दावा किया कि इस बार भबानीपुर सीट पर भी उन्हें हार का सामना करना पड़ेगा। शाह ने कहा कि भाजपा 170 सीटों का आंकड़ा पार कर “परिवर्तन” लाने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिससे चुनावी माहौल और अधिक गरमा गया है।
भबानीपुर में मुकाबला गरम, तृणमूल का पलटवार
भबानीपुर सीट से Suvendu Adhikari के नामांकन के साथ ही सियासी मुकाबला और तीखा हो गया है। इस दौरान Kunal Ghosh ने शाह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें “असफल ज्योतिषी” बताया और चुनौती दी कि चुनाव परिणाम के बाद वे एक दिन बंगाल में रुककर स्थिति देखें। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि भाजपा की लगातार मौजूदगी राज्य में उनकी संभावनाओं को और कमजोर ही करेगी। इस बयानबाजी ने चुनाव को पूरी तरह ‘हाई-वोल्टेज’ मोड़ पर ला दिया है, जहां हर बयान राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बन चुका है।
रोड शो, नामांकन और बढ़ती राजनीतिक गर्मी
हाजरा से अलीपुर तक निकले भव्य रोड शो में Amit Shah और Suvendu Adhikari एक साथ नजर आए। सुवेंदु ने भबानीपुर से नामांकन दाखिल कर मुकाबले को और रोचक बना दिया है, जबकि वे नंदीग्राम से भी उम्मीदवार हैं। पूरे रास्ते भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए, वहीं कालीघाट क्षेत्र में तृणमूल समर्थकों ने ‘जय बांग्ला’ के नारे लगाकर जवाब दिया, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल भी बना। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह रैली चुनावी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की तैयारी
इतने बड़े आयोजन के बीच Kolkata Police ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए व्यापक इंतजाम किए। ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे और सादे कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मियों के जरिए पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई। डीसी (दक्षिण) दीपक सरकार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। यातायात को सुचारू रखने के लिए रूट डायवर्जन लागू किए गए, लेकिन आम जनता को बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। प्रशासन का दावा है कि सावधानीपूर्वक योजना के चलते इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
चुनावी संकेत और आगे की रणनीति
भाजपा द्वारा सुवेंदु अधिकारी को भबानीपुर और नंदीग्राम—दो सीटों से उतारना एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। इससे पार्टी दोनों क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रही है। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम को ज्यादा महत्व न देते हुए अपनी जमीनी रणनीति पर फोकस बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाजरा की यह रैली केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि आगामी चुनावी रणनीति का स्पष्ट संकेत भी है, जिसने पश्चिम बंगाल की राजनीति को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।
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