अंबिकापुर/छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स:
• अंबिकापुर (दरिमा) से शुरू हुई हवाई सेवा के लिए पीएम का जताया आभार
• मैनपाट को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने की मांग
• छत्तीसगढ़ में शासकीय संस्कृत विद्यालय स्थापना का मुद्दा उठाया
• क्षेत्रीय विकास, रोजगार और निवेश बढ़ाने पर दिया जोर
नई उड़ान को मिला राष्ट्रीय संबल
नई दिल्ली में क्षेत्रीय सांसद चिंतामणि महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट कर अंबिकापुर (दरिमा) से शुरू हुई हवाई सेवा के लिए आभार व्यक्त किया। इस दौरान पारंपरिक मक्के की लावा से बनी माला पहनाकर उनका स्वागत किया गया, जो स्थानीय संस्कृति की झलक भी पेश करता है। सांसद ने कहा कि यह हवाई सेवा केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि सरगुजा क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।
कनेक्टिविटी से विकास के नए रास्ते
सांसद ने इस पहल को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और समग्र विकास का आधार बताते हुए कहा कि अब अंबिकापुर से सीधे नई दिल्ली और कोलकाता तक हवाई सेवा शुरू होने से सरगुजा देश के प्रमुख शहरों से जुड़ गया है। इससे व्यापार, निवेश और पर्यटन को नई गति मिलेगी। उन्होंने विशेष रूप से मैनपाट जैसे प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के विकास और राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग के लिए केंद्र सरकार से सहयोग की मांग रखी, ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हों।
शिक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण पर जोर
भेंट के दौरान शिक्षा क्षेत्र भी चर्चा का प्रमुख विषय रहा। सांसद चिंतामणि महाराज ने छत्तीसगढ़ में शासकीय संस्कृत विद्यालय की स्थापना की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्तमान में राज्य में ऐसा कोई संस्थान नहीं है, जिससे संस्कृत जैसी प्राचीन भाषा के संरक्षण और प्रसार में बाधा आ रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस दिशा में मार्गदर्शन और सहयोग की अपेक्षा जताई और सरगुजा के समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।


