रायपुर/छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स:
छत्तीसगढ़ में हेल्थ सेक्रेटरी के नाम पर ठगी का मामला सामने आने के बाद राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बताते हुए सरकार पर ठगों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है, वहीं पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
ठगी का तरीका और प्रशासनिक चेतावनी
छत्तीसगढ़ में हेल्थ सेक्रेटरी अमित कटारिया के नाम का इस्तेमाल कर ठगी करने का मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और जनता दोनों को चिंता में डाल दिया है। जानकारी के अनुसार, ठग खुद को स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बताकर लोगों से पैसों की मांग कर रहे थे। यह भी सामने आया है कि इस तरह की गतिविधियों को लेकर पहले ही संबंधित अधिकारियों को सतर्क किया जा चुका था और पुलिस को पत्र लिखकर आगाह भी किया गया था, बावजूद इसके ठग सक्रिय रहे।
कांग्रेस का आरोप और राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में ठगों का मनोबल इतना बढ़ गया है कि वे अब शीर्ष अधिकारियों के नाम का भी दुरुपयोग कर रहे हैं। उनके मुताबिक, यह सिर्फ एक अलग घटना नहीं बल्कि प्रदेश में फैलते साइबर अपराध के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है, जिस पर सरकार नियंत्रण करने में विफल रही है।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
कांग्रेस ने इस मामले को कानून-व्यवस्था की गंभीर चूक करार देते हुए कहा कि जब आम नागरिकों की सुरक्षा की बात आती है, तो प्रशासन निष्क्रिय नजर आता है। सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई की जाती, तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ठग खुलेआम लोगों को निशाना बना रहे हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
सरकार की चुप्पी और पुलिस की कार्रवाई
फिलहाल इस मामले में सरकार या बीजेपी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। इस बीच, मामले ने सियासी गलियारों में हलचल जरूर बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में इस पर और तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।
स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट और जनता के लिए सलाह
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए अलर्ट जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आधिकारिक प्रक्रिया के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया जाता है और किसी भी संदिग्ध कॉल या पैसों की मांग पर तुरंत स्थानीय पुलिस या वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया जाना चाहिए। इस घटनाक्रम ने आम लोगों को भी सतर्क रहने का संदेश दिया है कि वे किसी भी अनजान कॉल या दबाव में आकर आर्थिक लेन-देन न करें।


