रायपुर / छत्तीसगढ़ / खेल समाचार
हाइलाइट्स:
• रायपुर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का रंगारंग उद्घाटन
• 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 3800+ खिलाड़ी शामिल
• 9 खेलों में मुकाबले, 3 अप्रैल तक आयोजन
• जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की पहल
उद्घाटन समारोह ने रचा इतिहास
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का भव्य उद्घाटन करते हुए इसे केवल खेल आयोजन नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश को यह संदेश देता है कि प्रतिभा किसी भौगोलिक सीमा की मोहताज नहीं होती। तैराकी और फुटबॉल मुकाबलों के साथ शुरू हुए इस आयोजन में कुल नौ खेल शामिल हैं, जो 3 अप्रैल तक चलेंगे। मुख्यमंत्री ने 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए 3800 से अधिक खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए इसे जनजातीय भारत की शक्ति का प्रतीक बताया।

जनजातीय क्षेत्रों में छिपी प्रतिभा पर जोर
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने अपने संबोधन में कहा कि खेल प्रतिभा केवल महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के जनजातीय और दूरदराज क्षेत्रों में भी भरपूर मात्रा में मौजूद है। उन्होंने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स को इस अनछुई प्रतिभा को पहचानने और उसे मंच देने की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि भविष्य में इन खेलों का आयोजन हर वर्ष बस्तर, सरगुजा और रायपुर जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा, जिससे छत्तीसगढ़ एक स्थायी मेजबान के रूप में स्थापित होगा।
खेलों के जरिए विकास और अवसर
डॉ. मांडविया ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह अनुशासन, संतुलन और जीवन के मूल्यों को विकसित करते हैं, जो नरेंद्र मोदी के खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के विजन के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि Sports Authority of India (SAI) के कोच प्रतियोगिता स्थलों पर प्रतिभाओं की पहचान करेंगे और उन्हें आगे प्रशिक्षण के लिए खेलो इंडिया केंद्रों से जोड़ेंगे। इससे खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा।

खेल विरासत और भविष्य की दिशा
कार्यक्रम के दौरान ओलंपियन दीपिका कुमारी का उल्लेख करते हुए जनजातीय समुदायों के योगदान को रेखांकित किया गया। मंत्री ने कहा कि यह आयोजन न केवल खेलों को बढ़ावा देगा, बल्कि पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी गति देगा। पारदर्शिता और सुशासन पर जोर देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और निगरानी में होगी, जिससे योग्य प्रतिभाओं को सही अवसर मिल सके।

भारत का वैश्विक खेल लक्ष्य
डॉ. मांडविया ने भारत के दीर्घकालिक खेल लक्ष्यों को दोहराते हुए कहा कि देश 2036 में ओलंपिक की मेजबानी, वैश्विक रैंकिंग में शीर्ष 10 में पहुंचने और 2047 तक शीर्ष पांच खेल राष्ट्र बनने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि एशियाई खेल में भारत अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगा। साथ ही फिट इंडिया और खेलो इंडिया जैसे अभियानों के जरिए देश में खेल संस्कृति को व्यापक स्तर पर मजबूत किया जा रहा है।


