उत्तरप्रदेश /भारत
हाइलाइट्स:
- भूमि प्रबंधन और राजस्व संग्रह प्रणाली की गहन समीक्षा
- राजस्व रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और सर्वे कार्यों में तेजी के निर्देश
- लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण और ई-गवर्नेंस पर विशेष बल
भूमि प्रबंधन और राजस्व सुधार की समीक्षा
Yogi Adityanath ने मंगलवार को राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर राज्य में भूमि प्रबंधन, राजस्व संग्रह प्रणाली और प्रशासनिक सुधारों की वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि राजस्व व्यवस्था पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक हितों के अनुरूप संचालित हो। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता जनसुविधा और जवाबदेही होनी चाहिए, ताकि आम नागरिकों को जमीन से जुड़े मामलों में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
डिजिटलीकरण और सर्वेक्षण कार्यों पर विशेष बल
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व रिकॉर्ड के पूर्ण डिजिटलीकरण और सर्वेक्षण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकी साधनों के उपयोग से भूमि विवादों, अतिक्रमण और फर्जीवाड़े की समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ई-गवर्नेंस परियोजनाओं को तेज गति से आगे बढ़ाने और राजस्व अभिलेखों के नियमित अद्यतन पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
राजस्व संग्रह और लंबित मामलों के निस्तारण पर फोकस
बैठक में राजस्व संग्रह की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जमीन से जुड़े मामलों के त्वरित निपटान की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए। तकनीकी नवाचारों के माध्यम से कार्यप्रणाली में दक्षता बढ़ाने और लंबित मामलों को निर्धारित समय-सीमा में निपटाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं और अपूर्ण मामलों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिस पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
विकास कार्यों में राजस्व विभाग की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग राज्य के विकास कार्यों की आधारभूत संरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भूमि उपलब्धता, अधिग्रहण और अभिलेख प्रबंधन जैसी प्रक्रियाएं विकास परियोजनाओं की गति निर्धारित करती हैं। इसलिए सभी अधिकारियों को नियमित निरीक्षण, निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।
नागरिक-केंद्रित प्रणाली बनाने का आह्वान
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से नई तकनीकों और डिजिटल साधनों का अधिकतम उपयोग कर राजस्व प्रणाली को और अधिक नागरिक-केंद्रित बनाने का आह्वान किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर कार्य करती रहेगी और प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से आम जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराएगी।
ख़बरें और भी…


