बिहार /भारत
Highlight :
- बंगाल में भाजपा सरकार बनने पर अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ कार्रवाई का दावा
- गरीबों के अधिकार और राज्य की सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
- राज्यसभा चुनाव और तेजस्वी यादव की भूमिका पर भी उठाए सवाल
- राजनीतिक विश्लेषकों ने बयान को चुनावी रणनीति से जोड़ा
बंगाल में अवैध घुसपैठ पर सख्त रुख
संजय जयसवाल ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि राज्य में भाजपा की सरकार बनती है तो अवैध बांग्लादेशियों की समस्या का निर्णायक समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “गरीबों का हक गरीबों को ही मिलेगा और किसी भी तरह का अवैध लाभ अब नहीं उठाया जा सकेगा।” उनका यह वक्तव्य सुरक्षा और जनहित के मुद्दों को केंद्र में रखकर दिया गया, जिसमें उन्होंने राज्य की सीमाओं की निगरानी और कल्याणकारी योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
गरीब कल्याण और सुरक्षा को प्राथमिकता
जयसवाल ने स्पष्ट किया कि भाजपा की नीतियां आम नागरिकों की भलाई और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं। उनका कहना था कि यदि सरकार बनी तो लोगों को सभी सरकारी सुविधाएं पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वर्तमान व्यवस्था में कुछ तत्व योजनाओं का अनुचित लाभ उठा रहे हैं, जिसे भाजपा समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, “देश की सुरक्षा और गरीबों का सशक्तिकरण—दोनों साथ-साथ चलेंगे।”
राज्यसभा चुनाव और विपक्ष पर निशाना
राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में उन्होंने कहा कि नामांकन प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है और तेजस्वी यादव के दिल्ली दौरे को उन्होंने बिहार की राजनीति में बदलते समीकरणों से जोड़ा। जयसवाल ने विपक्षी दलों की रणनीति और प्रभाव पर प्रश्न उठाते हुए दावा किया कि भाजपा आगामी चुनावों में और मजबूत होकर उभरेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आगामी चुनावों और बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच पार्टी की स्थिति स्पष्ट करने की रणनीति का हिस्सा है, जिससे बंगाल और बिहार—दोनों राज्यों में संगठनात्मक आधार को सुदृढ़ किया जा सके।
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