आनंद गुप्ता /जशपुर /छत्तीसगढ़
हाइलाइट :
जशपुर के नारायणपुर थाना क्षेत्र के ग्राम केराडीह, रैनीडांड में हुई 51 लाख से अधिक की चोरी का खुलासा; आईफोन के लालच में भतीजी ने बॉयफ्रेंड और साथियों संग रची साजिश; 15 लाख नकद व सोने-ज्वेलरी चोरी; रकम से कार खरीदी, पार्टियां कीं; पुलिस ने 86,300 नकद, एक कार, मंगलसूत्र, सोने की बिस्किट, कड़ा व मोबाइल जब्त किए; BNS 331(4), 305(A) के तहत मामला दर्ज।
जशपुर पुलिस ने जिले के अब तक के सबसे बड़े चोरी कांड का सफल अनावरण करते हुए कुल 51 लाख 82 हजार 300 रुपये मूल्य की चोरी का पर्दाफाश किया है। थाना नारायणपुर अंतर्गत ग्राम केराडीह, रैनीडांड के पुराने आवास से 15 लाख रुपये नकद, सोने के सिक्के और आभूषण सहित लगभग 35 लाख से अधिक का माल चोरी किया गया था, जिसकी शिकायत 06 दिसंबर 2025 को प्रार्थिया सुषमा निकुंज (52 वर्ष) द्वारा दर्ज कराई गई थी। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि चोरी को अंजाम देने वाली स्वयं उनकी भतीजी मिनल निकुंज (21 वर्ष) थी, जिसने अपने बॉयफ्रेंड अनिल प्रधान (25 वर्ष) और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। आईफोन और भौतिक सुख-सुविधाओं के लालच ने आरोपियों को अपराध की राह पर धकेला और अंततः जेल की सलाखों तक पहुंचा दिया।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां
शिकायत में नामजद आरोपियों के फरार होने के बाद, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के निर्देशन में एक विशेष जांच दल गठित किया गया। मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने दोनों मुख्य आरोपियों को रांची (झारखंड) के एक होटल से हिरासत में लेकर जशपुर लाया। इसके अतिरिक्त पुलिस ने अलग-अलग समय पर साजिश में शामिल चार अन्य आरोपियों – अभिषेक इंद्रवार (28 वर्ष), लंकेश्वर बड़ाईक (35 वर्ष), अलीशा भगत (29 वर्ष) सहित कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा है। आरोपियों के कब्जे से 86,300 रुपये नकद, एक हरियर कार, मंगलसूत्र, सोने की बिस्किट, कड़ा, 1 आईफोन और 4 एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत लगभग 51.82 लाख रुपये आंकी गई है।
कानूनी प्रावधान और सामाजिक प्रभाव
आरोपियों के विरुद्ध थाना नारायणपुर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) – चोरी एवं 305(A) – साजिश/उकसावा के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है, जो फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस द्वारा लगातार दबिश और पतासाजी की जा रही है। यह कांड न केवल पारिवारिक विश्वासघात का दुर्लभ उदाहरण है, बल्कि चोरी की रकम से खरीदी गई कार, पार्टियों और महंगे मोबाइल फोन के उपयोग से यह भी स्पष्ट करता है कि भौतिक लालच और सोशल-स्टेटस का दबाव किस तरह युवाओं को अपराध की ओर मोड़ सकता है। वहीं, एक सरकारी अधिकारी के आवास में इतनी बड़ी नकद राशि और सोने की बिस्किट मिलने का तथ्य प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर कई प्रश्न भी खड़े कर रहा है, जिसकी चर्चा सार्वजनिक मंचों पर तेज़ हो गई है।
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