रायपुर/ छत्तीसगढ़
रायपुर। साइंस कॉलेज मैदान में चल रहे स्वदेशी मेले के अंतर्गत रविवार को कार्यक्रमों की भव्य शुरुआत “भारत/2047” विषय पर आयोजित संगोष्ठी से हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में एमिटी विश्वविद्यालय के कुलपति माननीय डॉ. पीयूष कांत पांडे उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वदेशी विचारधारा के माध्यम से ही वर्तमान परिप्रेक्ष्य में विकसित भारत का निर्माण संभव है और आत्मनिर्भरता की दिशा में यह एक मजबूत आधार प्रदान करती है।मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित सिस्को सिस्टम की प्रिंसिपल इंजीनियर डॉ. मनकामना मिश्रा ने कहा कि स्वदेशी से ही स्वावलंबन आएगा और वर्ष 2047 से पहले ही भारत विश्वगुरु के रूप में स्थापित होगा। कार्यक्रम की प्रस्तावना में सुमन जी ने भारत/2047 विषय की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की।
संगोष्ठी में डॉ. इला गुप्ता (अध्यक्ष, महिला विंग, चैंबर ऑफ कॉमर्स), नम्रता अग्रवाल (कोषाध्यक्ष, चैंबर ऑफ कॉमर्स), मनीषा सिंह (स्वदेशी मेला सह संयोजिका) सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। दिग्विजय भाकरे के धन्यवाद ज्ञापन के पश्चात कार्यक्रम का समापन हुआ तथा स्वल्पाहार वितरित किया गया।
मेले के अंतर्गत दोपहर में बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें रंग भरो प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता एवं शिशु वेशभूषा प्रतियोगिता शामिल रहीं। रंग भरो प्रतियोगिता में कुल 90 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता दो वर्गों में आयोजित की गई, जिसमें वर्ग अ (नर्सरी से कक्षा 1) एवं वर्ग ब (कक्षा 2 से 4) शामिल थे। प्रतियोगिता का विषय वन, प्रकृति, प्राकृतिक लैंडस्केप एवं वन्यजीव रहा। इस प्रतियोगिता में अनुषा ठाकुर, यशस्वी कसार, आदया अन्वेषा, पार्थ साहा, चैतन्य श्री सिंह एवं सृष्टि ठाकुर विजेता रहे। प्रतियोगिता प्रभारी के रूप में सुचित्रा बर्धन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चित्रकला प्रतियोगिता भी दो वर्गों में आयोजित हुई। वर्ग अ का विषय “नया भारत, स्वदेशी भारत” तथा वर्ग ब का विषय “वंदेमातरम् – स्वर्णिम भारत” रखा गया। बच्चों ने राष्ट्रभावना से ओतप्रोत चित्रों के माध्यम से भारत के उज्ज्वल भविष्य की कल्पना प्रस्तुत की। इस प्रतियोगिता में स्वास्तिका राय, टिकेन्द्र कुमार जायसवाल, कुमकुम दीप, जीविका वर्मा, सिद्धि वर्मा एवं स्वर्णिका सेन गुप्ता विजेता घोषित किए गए। निर्णायक मंडल में निधि जैन, मनहरण देवांगन एवं अरविंद यदु शामिल रहे।
शिशु वेशभूषा प्रतियोगिता दो आयु वर्गों (1 से 4 वर्ष एवं 4 से 8 वर्ष) में आयोजित की गई, जिसमें 55 प्रतिभागियों ने भाग लिया। विभिन्न पारंपरिक एवं राष्ट्रीय पात्रों में सजे बच्चों ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस प्रतियोगिता में मौर्या जोशी, शिवशंकर, रिषान देवांगन, अदिति शर्मा, वान्या कश्यप, अभिज्ञा शुक्ला, आदया अन्वेषा, स्तुति यादव, अयांश सतपथी एवं विहान ठाकुर विजेता रहे।
संध्याकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से “स्वदेशी का दीप” नाटक का मंचन किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। नाटक की लेखिका एवं निर्देशिका सुजाता शुक्ला रहीं। सामाजिक समागम के अंतर्गत उड़िया समाज द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर जुगल किशोर प्रधान, प्रीतिदास मिश्रा एवं डॉ. भवानी प्रधान को सक्रिय समाजसेवक के रूप में सम्मानित किया गया। मंचीय कार्यक्रम में पी.सी. लाल यादव को दूध मोगरा भेंट कर सम्मानित किया गया।
मेले के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए केदारनाथ ने बताया कि सोमवार, 22 दिसंबर को “भारत की सुंदरता, धरोहर एवं संस्कृति” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। दोपहर 2 बजे से पूजा की थाली सजाओ प्रतियोगिता, शाम 5 बजे सामाजिक समागम में पंजाबी समाज का कार्यक्रम तथा संध्या को एकल नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। यह जानकारी मीडिया प्रभारी इंदिरा जैन द्वारा दी गई।
खबरें और भी…



YgytygBmBnHvKGSer