रायपुर/छत्तीसगढ़
हाइलाइट :नवा रायपुर स्थित नए विधानसभा भवन में आज से छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। यह सत्र 17 दिसंबर तक कुल चार दिनों तक चलेगा। पहले दिन छत्तीसगढ़ विजन 2047 पर चर्चा होगी, जबकि धर्मांतरण संशोधन विधेयक सत्र का सबसे अहम मुद्दा माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत आज रविवार से हो रही है। नवा रायपुर में बने नए विधानसभा भवन में यह पहला सत्र है, जिसका शुभारंभ एक नवंबर को राज्योत्सव के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। सत्र के पहले दिन सदन में छत्तीसगढ़ विजन 2047 पर चर्चा प्रस्तावित है। कांग्रेस विधायकों द्वारा पहले दिन के बहिष्कार के कारण प्रश्नकाल नहीं होगा और चर्चा में केवल भाजपा विधायक ही शामिल रहेंगे।
15 दिसंबर से 17 दिसंबर तक होने वाली कार्यवाही के दौरान कानून-व्यवस्था, धान खरीदी, बिजली, जमीन दर, सड़कों की स्थिति और राशन वितरण जैसे मुद्दों पर तीखी बहस और हंगामे के आसार हैं। शीतकालीन सत्र के लिए विधायकों ने कुल 628 प्रश्न लगाए हैं, जिनका जवाब मंत्रियों को देना होगा। सचिवालय के अनुसार सदस्य ध्यानाकर्षण, स्थगन और नियम 267-क के तहत निर्धारित संख्या में नोटिस दे सकेंगे, जिन्हें तय नियमों के अनुसार स्वीकार किया जाएगा।
इस सत्र में सबसे अहम विषय धर्मांतरण संशोधन विधेयक माना जा रहा है। गृहमंत्री विजय शर्मा पहले ही संकेत दे चुके हैं कि सरकार संशोधित धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम ला सकती है। प्रस्तावित विधेयक में धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और सख्त बनाने का प्रावधान है, ताकि जबरन या प्रलोभन देकर धर्मांतरण के मामलों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। सरकार का मानना है कि इस कानून के लागू होने से प्रदेश में धार्मिक विवादों में कमी आएगी और कानून-व्यवस्था मजबूत होगी।
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