रायपुर / छत्तीसगढ़
हाइलाइट रायपुर नगर निगम ने ‘नेकी की दीवार’ बंद कर नई व्यवस्था शुरू की है । अब 10 जोनों में 10 नई गाड़ियां वार्डों में जाकर घर-घर से दान सामग्री एकत्र करेंगी , जिसे आरआर सेंटर में प्रोसेस कर जरूरतमंदों तक पहुँचाया जाएगा ।
रायपुर के अनुपम गार्डन और गांधी उद्यान के पास बनाई गई नेकी की दीवार अव्यवस्था के चलते बंद कर दी जा रही है । स्मार्ट सिटी द्वारा लाखों रुपये खर्च कर तैयार की गई यह व्यवस्था कुछ ही वर्षों में बिना देखरेख अव्यवस्था का केंद्र बन गई । अब नगर निगम ने नया सिस्टम शुरू किया है , जिसके तहत दानदाताओं को जगह पर जाकर सामग्री छोड़ने की जरूरत नहीं होगी । हर वार्ड के लिए एक तय दिन पर निगम की गाड़ी पहुंचेगी और उपयोगी वस्तुएं घर-घर से एकत्र की जाएंगी । इसके लिए जनता की सुविधा के लिए एक विशेष मोबाइल एप भी बनाया जाएगा ।
नगर निगम दस जोनों के लिए 10 नई ईएलवी गाड़ियां खरीदेगा , जिसकी स्वीकृति पंद्रहवें वित्त आयोग से मिली है । प्रत्येक वाहन की लागत लगभग 11 लाख रुपये होगी । ये गाड़ियां सात वार्डों को सप्ताह में एक-एक दिन कवर करेंगी और घरों से निकलने वाले पुराने कपड़े , कंबल , चादर , जूते , बैग और अन्य उपयोगी सामग्री एकत्र करेंगी । महापौर मीनल चौबे ने बताया कि “नेकी की दीवार की जगह हम आरआर सेंटर का मॉडल ला रहे हैं , जहां सामग्री को व्यवस्थित कर जरूरतमंदों तक पारदर्शिता के साथ पहुँचाया जाएगा ।
एकत्र सामग्री को आरआर सेंटर भेजा जाएगा , जहां स्व-सहायता समूह की महिलाएं उसे उपयोग योग्य बनाकर आगे वितरण की प्रक्रिया संभालेंगी । नगर निगम का मानना है कि यह मॉडल दानदाताओं के लिए अधिक सुगम , पारदर्शी और प्रभावी होगा । निर्धारित शेड्यूल के आधार पर गाड़ियां पूरे शहर के 70 वार्डों में घूमते हुए सात दिन में सात वार्ड कवर करेंगी , जिससे जरूरतमंदों तक समय पर और सही सामग्री पहुँच सकेगी ।
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