हाइलाइट बॉक्स : रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव लागू कर दिया है । 1 दिसंबर 2025 से तत्काल टिकट तभी मिलेगा जब यात्री के मोबाइल नंबर पर भेजा गया OTP वेरिफाई हो जाएगा । वेस्टर्न रेलवे ने इसे सबसे पहले मुंबई सेंट्रल–अहमदाबाद शताब्दी एक्सप्रेस में लागू किया है । बदलाव का लक्ष्य फेक आईडी , दलालों और संदिग्ध बुकिंग को रोकना है ।
तत्काल टिकट की ‘दौड़’ में अब एक नया पड़ाव — OTP वेरिफिकेशन अनिवार्य भारतीय रेलवे में तत्काल टिकट हासिल करना पहले ही एक चुनौतीपूर्ण काम था , लेकिन अब नियम और भी सख्त हो गए हैं । 1 दिसंबर 2025 से तत्काल टिकट बुक करने वाले हर यात्री को अपने मोबाइल नंबर पर आया OTP दर्ज करना होगा । बिना OTP वेरिफिकेशन टिकट बन ही नहीं पाएगा । यह नया सिस्टम वेस्टर्न रेलवे की ओर से अभी मुंबई सेंट्रल–अहमदाबाद शताब्दी एक्सप्रेस 12009/12010 में लागू किया गया है और जल्द ही इसे अन्य ट्रेनों में भी शुरू किया जाएगा । रेलवे का दावा है कि यह बदलाव पारदर्शिता बढ़ाएगा और टिकट सही यात्रियों तक पहुंचेगा । एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया— “हमने टिकटिंग सिस्टम को साफ-सुथरा रखने और दलालों की पकड़ कम करने के लिए यह कदम उठाया है । इससे तत्काल को और निष्पक्ष बनाया जा सकेगा ।”
क्यों जरूरी था तत्काल टिकट सिस्टम में यह तकनीकी बदलाव ? तत्काल टिकटों पर हमेशा दलालों और अवैध एजेंटों की नजर रहती है । कई शिकायतें आती थीं कि फर्जी मोबाइल नंबर , जाली आईडी और तेज बॉट टूल्स के मदद से सेकंडों में टिकटें खरीदी जाती थीं । असली यात्री पीछे रह जाता था । नया OTP सिस्टम इन गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए लाया गया है । अब टिकट तभी जेनरेट होगा जब यात्री वास्तव में अपने मोबाइल नंबर से OTP कन्फर्म करेगा । इससे फेक बुकिंग और जाली पहचान का खेल लगभग खत्म हो जाएगा । वेस्टर्न रेलवे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा— “हम टिकटिंग को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाना चाहते हैं । OTP आधारित वेरिफिकेशन इसी दिशा में बड़ा कदम है ।”
किन माध्यमों पर लागू होगा नया OTP नियम ? यह नियम हर बुकिंग चैनल पर समान रूप से लागू होगा— कम्प्यूटरीकृत PRS काउंटर अधिकृत एजेंट IRCTC वेबसाइट IRCTC मोबाइल ऐप इसका मतलब है कि चाहे आप ऑनलाइन बुकिंग करें या काउंटर से , OTP जरूरी है ।
यात्रियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा ? रेलवे का यह कदम यात्रियों के लिए एक तरफ राहत , तो दूसरी तरफ मुश्किल भी बन सकता है ।
लाभ : दलालों और एजेंटों की मनमानी पर लगाम, फेक आईडी से टिकट बुकिंग कम, टिकटें वास्तविक यात्रियों तक पहुंचेंगी |
संभावित दिक्कतें OTP आने में देरी से टिकट हाथ से निकल सकता है बुकिंग प्रक्रिया थोड़ी लंबी लग सकती है एक नियमित यात्री ने कहा— “दलालों का दबदबा कम होगा , यह अच्छी बात है । बस OTP सिस्टम इतना तेज होना चाहिए कि तत्काल की स्पीड बनी रहे ।”
क्या यह नियम पूरे देश में लागू होगा ? रेलवे ने इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है । यदि सिस्टम सफल रहा तो इसे पूरे भारत की तत्काल बुकिंग में लागू किया जा सकता है । रेलवे इसे यात्रियों की सुरक्षा और टिकटिंग की पारदर्शिता के लिए बड़ी उपलब्धि मानता है ।
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