दुर्ग-भिलाई /छत्तीसगढ़
हाइलाइट • सुबह घर से स्कूल के लिए निकली शिक्षिका रास्ते में लापता • पति को शिक्षिका के मोबाइल से आया किडनैपर का कॉल—5 लाख की फिरौती मांगी • आरोपी बोला– “टारगेट तो आपका छोटा लड़का था…” • पुलिस ने 5 घंटे में महिला को बरामद किया , लेकिन असली कहानी पर अब भी सस्पेंस • पुलिस और परिवार दोनों ही चुप—क्या सच में अपहरण हुआ या कुछ और ?
सुबह निकली स्कूल , लेकिन 20 मिनट बाद आया अपहरण का फोन दुर्ग जिले के भिलाई में 28 नवंबर की सुबह मूक-बधिर स्कूल में पढ़ाने वाली एक महिला शिक्षक के अपहरण की खबर ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी । राधा साहू नाम की यह शिक्षिका रोज की तरह ऑटो से स्कूल जाने के लिए घर से निकली थीं । पति को हर दिन की तरह 1028 बजे फोन कर बताया भी कि वह स्कूल के लिए निकल रही हैं । लेकिन ठीक 20 मिनट बाद , 1048 बजे , पति के मोबाइल पर उसी नंबर से कॉल आया—पर इस बार फोन पर राधा नहीं , एक अनजान आदमी था । उसने खुद को किडनैपर बताते हुए साफ कहा— “डॉक्टर साहब , आपकी पत्नी मेरे पास है । सही-सलामत वापस चाहिए तो 5 लाख रुपए देना होगा ।”
“टारगेट आपका छोटा लड़का था”—किडनैपर के शब्दों ने झकझोरा पति मुकेश कुमार साहू के मुताबिक फोन पर आरोपी ने चौंकाने वाला दावा किया— “मेरे टारगेट पर तो आपका छोटा लड़का था… लेकिन अब कुछ मत बताना । पैसा नहीं दोगे तो पत्नी को मार दूंगा ।” मुकेश ने पत्नी से बात कराने की कोशिश की , लेकिन आरोपी बोला—“आपकी पत्नी बेहोश है ।” दोनों के बीच 1 मिनट 15 सेकंड बातचीत हुई और फिर कॉल कट गया । दोबारा कॉल करने पर मोबाइल बंद मिला ।
स्कूल पहुंचे पति—पता चला शिक्षक तो पहुंची ही नहीं थीं फोन , धमकी और मोबाइल बंद होने के बाद मुकेश घबरा गया । वह तुरंत सेक्टर-8 स्थित ‘स्नेह संपदा’ स्कूल पहुंचा । वहां पता चला कि राधा स्कूल पहुंची ही नहीं थीं । इसके बाद उसने सीधे छावनी थाने जाकर पुलिस को पूरी घटना बताई । पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर टीमें रवाना कीं ।
5 घंटे में शिक्षिका बरामद , लेकिन अपहरण की असली कहानी पर रहस्य कई घंटे की तलाश के बाद पुलिस ने राधा को सकुशल बरामद कर लिया । एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी गई है । लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि दोपहर से देर शाम तक दो एएसपी , एसडीओपी , थाना प्रभारी और क्राइम ब्रांच की टीम स्कूल और थाने में डटी रही , पर किसी ने भी मामले पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी ।
किसी अधिकारी ने तो शुरुआत में “ऐसी घटना नहीं हुई” कहकर ही इंकार कर दिया । बाद में महिला के मिलने के बाद ही आधिकारिक जानकारी दी गई ।
अब तक पुलिस ने यह नहीं बताया है कि— • क्या वास्तव में अपहरण हुआ था ? • फिरौती की कॉल किसने और क्यों की ? • महिला कहाँ मिली ? • “टारगेट छोटा लड़का था”—क्या यह सिर्फ डराने की चाल थी ? पति मुकेश ने भी घटना पर चुप्पी साध रखी है ।
जांच कई एंगल पर—क्या यह अपहरण था या कुछ और ? पुलिस इस मामले को कई एंगल से देख रही है— • क्या किसी व्यक्तिगत विवाद की वजह थी ? • फिरौती मांगने वाला कौन था ? • क्या यह योजनाबद्ध अपहरण था या किसी अन्य कारण से रची गई कहानी ? • क्या महिला के मोबाइल का इस्तेमाल करके फर्जी अपहरण कॉल किया गया ?
फिलहाल पुलिस ने “असली वजह” बताने से साफ इनकार किया है , और यही बात पूरे मामले को और रहस्यमय बना रही है ।
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