रायपुर । साइंस कॉलेज परिसर से हटाए गए चौपाटी के कारोबारियों को अब नगर निगम प्रशासन ने आमा नाका रेलवे ओवर ब्रिज के नीचे अस्थायी व्यवस्थापन शुरू कर दिया है । शनिवार सुबह निगम की टीम ने व्यवसायियों की गुमटियों और ठेलों को नए स्थान पर अनलोड करने की प्रक्रिया तेज की । हालांकि यह पूरा इलाका रेलवे लाइन के दायरे में आता है , इसलिए हाल ही में रेलवे द्वारा भी यहां नोटिस जारी किया गया था , जिससे दुकानदारों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है ।
इस कार्रवाई से पहले शुक्रवार रात से ही कांग्रेस नेताओं ने कारोबारियों के समर्थन में जोरदार विरोध शुरू कर दिया था । जैसे ही चौपाटी हटाने की तैयारी की सूचना मिली , कांग्रेस नेता अपने समर्थकों व दुकानदारों के साथ साइंस कॉलेज मैदान के पास पहुंच गए और पूरी रात धरने पर बैठे रहे । शनिवार सुबह जब पुलिस बल और निगम का अमला जेसीबी , क्रेन और अन्य उपकरणों के साथ चौपाटी हटाने पहुंचा , तो विरोध और तेज हो गया । पुलिस ने पहले पूरे इलाके को घेरा और भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की , जिसके बाद कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस वाहनों में बैठाकर हटाया गया ।
दुकानदारों का कहना है कि साइंस कॉलेज मैदान स्थित चौपाटी वर्षों से उनकी आजीविका का मुख्य आधार रही है । बिना उपयुक्त पुनर्वास की व्यवस्था किए चौपाटी हटाना अनुचित है । उनका आरोप है कि अचानक की गई कार्रवाई से वे आर्थिक संकट में आ गए हैं । राजनीतिक नेताओं के बीच भी इस कार्रवाई को लेकर टकराव बढ़ गया । बीजेपी विधायक राजेश मूणत और कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल के बीच भी रात में जमकर बहस हुई । उधर , सुबह से ही पुलिस कार्रवाई के कारण जीई रोड इलाके में ट्रैफिक धीमा रहा और कई स्थानों पर जाम की स्थिति बन गई ।
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