दुर्ग / स्वतंत्र छत्तीसगढ़ न्यूज़
IIT भिलाई के बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र सौमिल साहू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद संस्थान में तनाव का माहौल है । डायरेक्टर ने कैंपस डॉक्टर को निलंबित करते हुए जांच कमेटी गठित की है । छात्र सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हैं और लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है ।
संदिग्ध परिस्थिति में छात्र की मौत , डायरेक्टर की त्वरित कार्रवाई: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी IIT भिलाई में मंगलवार 10 नवंबर को बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र सौमिल साहू की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई । इस घटना के बाद संस्थान के डायरेक्टर राजेश प्रकाश ने कैंपस डॉक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है । साथ ही , मामले की गहराई से जांच के लिए एक विशेष कमेटी गठित की गई है । इस जांच समिति में एम्स रायपुर , सरकारी अधिकारी और कॉलेज के छात्र प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी की जा सके ।
छात्रों का कैंडल मार्च , ‘लापरवाही की कीमत जान से क्यों ?’ के पोस्टर से गूंजा कैंपस मृतक छात्र की मौत के बाद IIT भिलाई के कैंपस में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है । बुधवार को छात्रों ने अपने साथी सौमिल को न्याय दिलाने की मांग करते हुए कैंडल मार्च निकाला । इस दौरान छात्रों ने हाथों में “We Want Justice” और “लापरवाही की कीमत जान से क्यों ?” जैसे पोस्टर लेकर संस्थान प्रबंधन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया । सभी छात्रों ने नम आंखों से अपने साथी छात्र को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी । छात्रों का कहना है कि संस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के कारण यह दुखद घटना घटी है ।
छात्र बोले – ‘सीबीआई जांच हो , जब तक न्याय नहीं मिलेगा , विरोध जारी रहेगा’ बीटेक छात्र जोसेफ ने बताया कि “हम लगातार 12 घंटे से न्याय की मांग कर रहे थे , लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिला । हमारी एक ही मांग है कि इस मौत की जांच सीबीआई से कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके ।” छात्रों ने साफ कहा कि जब तक मौत के असली कारणों की जांच नहीं होती और जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती , तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे ।
मौत की वजह अस्पष्ट , जांच रिपोर्ट का इंतजार जानकारी के अनुसार , सौमिल साहू मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम के रहने वाले थे और IIT भिलाई में बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र थे । 11 नवंबर को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई । हॉस्टल में चक्कर आने के बाद उन्हें तत्काल प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया , जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई । जेवरा-चौकी प्रभारी खगेंद्र पठारे ने बताया कि छात्र का पोस्टमॉर्टम सुपेला अस्पताल में किया गया है और शव परिजनों को सौंप दिया गया है । फिलहाल मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है , और पुलिस जांच जारी है ।
देशभर में उठा सवाल – क्या सुरक्षित हैं IIT के छात्र ? IIT भिलाई की यह घटना न केवल छात्रों और अभिभावकों को झकझोर रही है , बल्कि देशभर के तकनीकी संस्थानों में छात्र सुरक्षा , मानसिक स्वास्थ्य और मेडिकल सुविधाओं पर सवाल खड़े कर रही है । छात्रों ने कहा , “हम यहां पढ़ाई के लिए आए हैं , लेकिन अगर कैंपस में ही हमारी सुरक्षा और स्वास्थ्य की गारंटी नहीं , तो यह गंभीर सवाल है ।”
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