रायपुर / स्वतंत्र छत्तीसगढ़ न्यूज़
छत्तीसगढ़ विधानसभा का 18 नवंबर को होने वाला विशेष सत्र ऐतिहासिक होने वाला है । इस बार चर्चा का विषय रहेगा — ‘पच्चीस वर्षों की संसदीय यात्रा पर केंद्रित विषयों पर चर्चा’ । यह सत्र पुराने भवन में आयोजित होगा , जबकि अगला सत्र हाईटेक नए विधानसभा भवन में होगा ।
25 साल की संसदीय और विकास यात्रा पर होगी चर्चा: छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह विशेष सत्र इसलिए भी खास है क्योंकि यह पुराने भवन में आयोजित होने वाला अंतिम सत्र होगा । सत्र का विषय रखा गया है — ‘पच्चीस वर्षों की संसदीय यात्रा पर केंद्रित विषयों पर चर्चा’ । इस दौरान प्रदेश की अब तक की राजनीतिक , सामाजिक , आर्थिक और सांस्कृतिक विकास यात्रा को याद किया जाएगा । अधिकारियों के अनुसार , इस विशेष सत्र में पूर्व मुख्यमंत्रियों , वरिष्ठ विधायकों और नए सदस्यों के अनुभव साझा किए जाएंगे । चर्चा का उद्देश्य राज्य की लोकतांत्रिक यात्रा , उपलब्धियों और चुनौतियों पर व्यापक विचार करना होगा ।
छत्तीसगढ़ की संसदीय यात्रा — 2000 से 2025 तक: छत्तीसगढ़ 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से अलग होकर भारत का 26वां राज्य बना । तब से अब तक प्रदेश ने 25 वर्षों का सफर पूरा कर लिया है । इस दौरान पांच विधानसभा चुनाव हुए — 2003 2008 2013 2018 और 2023 में । राज्य ने चार मुख्यमंत्री देखे — अजीत जोगी , डॉ. रमन सिंह , भूपेश बघेल और विष्णुदेव साय । दो बार कांग्रेस और चार बार बीजेपी ने सत्ता संभाली । राजनीतिक स्थिरता के साथ-साथ शिक्षा , स्वास्थ्य , सड़क , उद्योग और संस्कृति के क्षेत्र में भी प्रदेश ने महत्वपूर्ण प्रगति की है ।
पुराने भवन से नई शुरुआत — हाईटेक विधानसभा का उद्घाटन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस के अवसर पर नए विधानसभा भवन का उद्घाटन किया । यह भवन आधुनिक सुविधाओं से युक्त है और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को भी प्रतिबिंबित करता है । नए भवन में डिजिटल कार्यप्रणाली , पेपरलेस सत्र और अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था की गई है । आने वाला शीतकालीन सत्र यहीं से आयोजित किया जाएगा । पुराना भवन अब एक ऐतिहासिक स्मारक के रूप में याद किया जाएगा , जिसने छत्तीसगढ़ के संसदीय लोकतंत्र की नींव रखी थी ।
क्या बोले विधायक और अधिकारी: विधानसभा सचिवालय के एक अधिकारी ने कहा — “यह सत्र केवल एक औपचारिकता नहीं , बल्कि 25 वर्षों की लोकतांत्रिक यात्रा को सम्मान देने का अवसर है । हर सदस्य अपनी संसदीय यादें साझा करेगा ।” वहीं कुछ वरिष्ठ विधायकों ने कहा कि यह सत्र “नए युग की शुरुआत से पहले पुरानी यादों को संजोने” जैसा होगा ।
ख़बरें और भी…


