कुनकुरी छठ घाट पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय उषा अर्घ्य अर्पित करते हुए।
स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डिजिटल न्यूज़ डेस्क
हाइलाइट बॉक्स:
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और धर्मपत्नी कौशल्या साय ने कुनकुरी छठ घाट पर दिया उषा अर्घ्य
- पीएम मोदी ने X पर दी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं
- बिहार से दिल्ली और मुंबई तक आस्था की लहर, घाटों पर उमड़ा जनसागर
- भक्ति गीतों और लोक परंपराओं से गूंजे घाट, छठ पूजा का हुआ शांतिपूर्ण समापन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कुनकुरी में किया छठ पूजा का अर्घ्य अर्पण
जशपुर। लोक आस्था और सूर्योपासना के महापर्व छठ पूजा का समापन प्रदेशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ कुनकुरी छठ घाट पहुंचकर उषा अर्घ्य अर्पित किया और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उन्हें छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छठ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह प्रकृति, सूर्य और समाज के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक पर्व है, जो भारतीय संस्कृति की गहराई और एकता को दर्शाता है।
देशभर में आस्था का सैलाब, गीतों और लोकभावना से सजा माहौल
देशभर में छठ पूजा का उल्लास देखने लायक रहा। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, नोएडा, चंडीगढ़ और मुंबई के घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। लोग अपने परिवार के साथ पारंपरिक परिधान में सजे-धजे सूर्यदेव को अर्घ्य देने पहुंचे।
गोरखपुर के गुरु गोरखनाथ घाट, पटना के कंकड़बाग और दीघा घाट, और नोएडा के कालिंदी कुंज तट पर हजारों श्रद्धालुओं ने परिवार सहित भाग लिया। पूरे घाटों पर ढोलक की थाप, भक्ति गीतों की गूंज, और पारंपरिक लोकसंगीत ने माहौल को पूरी तरह आस्थामय बना दिया।
छठ घाटों पर वेदियों को केलों और गन्ने से पारंपरिक रूप से सजाया गया, वहीं बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने सूर्योपासना में भाग लिया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे, जिससे पर्व शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
पीएम मोदी ने X पर दी शुभकामनाएं, कहा — “छठी मैया की असीम कृपा बनी रहे”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर छठ पर्व के समापन पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा —
“भगवान सूर्यदेव को प्रातःकालीन अर्घ्य के साथ आज महापर्व छठ का शुभ समापन हुआ। चार दिवसीय इस अनुष्ठान के दौरान छठ पूजा की हमारी भव्य परंपरा के दिव्य दर्शन हुए। समस्त व्रतियों और श्रद्धालुओं सहित पावन पर्व का हिस्सा बने अपने सभी परिवारजनों का हृदय से अभिनंदन! छठी मैया की असीम कृपा से आप सभी का जीवन सदैव आलोकित रहे।”
प्रधानमंत्री के इस संदेश को हजारों लोगों ने साझा किया और श्रद्धालुओं ने इसे आस्था और एकता का संदेश बताया।
सूर्योपासना और मातृशक्ति की आराधना का पर्व
चार दिनों तक चलने वाला छठ महापर्व नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य जैसे अनुष्ठानों से पूरा होता है। यह पर्व न केवल सूर्य देव की आराधना का प्रतीक है, बल्कि मातृशक्ति, संयम और स्वच्छता का भी संदेश देता है।
भोर की पहली किरण के साथ व्रतियों ने जल में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया और परिवार की समृद्धि, संतान सुख और समाज की खुशहाली की प्रार्थना की। इसके साथ ही छठ पूजा का यह पवित्र पर्व सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।


