रायपुर/ स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डिजिटल डेस्क
रायपुर, 13 अक्टूबर 2025।
आंध्र ब्राह्मण समाज, रायपुर (छत्तीसगढ़) द्वारा समाज की सांस्कृतिक एकता और पारिवारिक परंपराओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय तेलुगु ब्राह्मण युवक–युवती परिचय वेदिका का भव्य आयोजन मारुति मंगलम भवन, गुढियारी, रायपुर में संपन्न हुआ।
यह सम्मेलन विवाह योग्य युवक–युवतियों और उनके अभिभावकों के लिए संवाद और परिचय का एक सशक्त मंच साबित हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना सहित देश के विभिन्न हिस्सों से परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पारंपरिकता और आधुनिकता का सुंदर संगम
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8:30 बजे नाश्ते के साथ हुआ। इसके पश्चात 10×20 फीट के आधुनिक एलईडी डिस्प्ले पर सभी पंजीकृत युवक–युवतियों के प्रोफाइल प्रस्तुत किए गए, जिन्हें प्रतिभागियों और अभिभावकों ने अत्यंत पारदर्शी और प्रभावी प्रयास बताया।
समाज की ओर से कुंडली मिलान हेतु पंडित की विशेष व्यवस्था की गई थी, वहीं अभिभावकों के लिए वन-टू-वन मीटिंग हॉल का अलग प्रावधान रखा गया, जहां संभावित रिश्तों पर व्यक्तिगत चर्चा के अवसर मिले।
दोपहर 1:30 से 2:30 बजे तक स्नेहभोज का आयोजन हुआ, और दिनभर चले इस परिचय सम्मेलन का समापन सायं 5:00 बजे सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ।
उत्साहपूर्ण सहभागिता और अभिभावकों की सराहना
कार्यक्रम में आए परिवारों ने आयोजन की व्यवस्थाओं, आतिथ्य और समन्वय की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
जानकारी के अनुसार अब तक लगभग 250 युवक–युवतियों ने इस मंच के माध्यम से पंजीकरण कराया है, जो समाज में इस पहल की बढ़ती लोकप्रियता और विश्वास को दर्शाता है।
समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि ऐसे आयोजन न केवल विवाह परिचय का अवसर हैं, बल्कि यह समाज में एकता, संवाद और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम हैं।
समाज की एकता और संस्कृति का प्रतीक आयोजन
आंध्र ब्राह्मण समाज, रायपुर की यह पहल युवाओं को संस्कारित और उपयुक्त जीवनसाथी चयन हेतु एक सशक्त मंच प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हुई है।
कार्यक्रम में शामिल परिवारों ने इस प्रयास को समाज की एकता और परंपरा के पुनर्संवर्धन का प्रेरक प्रतीक बताया और इसे प्रतिवर्ष आयोजित करने का सुझाव दिया।
अध्यक्ष आर. मुरली का वक्तव्य
इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष श्री आर. मुरली ने कहा —
“यह हमारे प्रदेश में परिचय सम्मेलन का चौथा सफल आयोजन था। इस वर्ष समाज के लोगों का जो उत्साह और सहभागिता देखने को मिली, वह अभूतपूर्व रही। समाज ने निर्णय लिया है कि अब इस सम्मेलन को प्रतिवर्ष आयोजित किया जाएगा।
साथ ही, समाज के अपने भवन हेतु भूमि की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए शासन को पत्र लिखकर भूमि उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है।”
यह आयोजन न केवल विवाह योग्य युवक–युवतियों के लिए अवसरों का द्वार खोला है, बल्कि समाज में एकता, परंपरा और संवाद की नई मिसाल भी कायम की है।
आंध्र ब्राह्मण समाज रायपुर ने यह साबित कर दिया कि संगठित प्रयासों से समाजिक संबंधों की जड़ें और भी मजबूत की जा सकती हैं।
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