रायपुर : 30 जुलाई 2025
गंगालूर-मितलूर सड़क निर्माण में अनियमितताओं को लेकर पुलिस ने पीडब्ल्यूडी के दो रिटायर्ड कार्यपालन अभियंताओं (ईई) सहित ईई, एसडीओ और सब इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। एएसपी चंद्रकांत गवर्ना ने इसकी पुष्टि की है।
गौरतलब है कि यह कार्रवाई पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या की जांच के बाद सामने आई है। मुकेश ने नेलसनार-कोडोली-मिरतुर-गंगालूर सड़क निर्माण में कथित भ्रष्टाचार को उजागर किया था। सड़क की गुणवत्ता को लेकर उन्होंने रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसके बाद वे 1 जनवरी की रात से लापता हो गए थे। 3 जनवरी को उनका शव ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के मकान में बने सेप्टिक टैंक से बरामद किया गया था।
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इस जघन्य हत्याकांड में पुलिस ने अब तक ठेकेदार सुरेश चंद्राकर, उसके दो भाई रितेश व दिनेश चंद्राकर और एक सुपरवाइज़र महेंद्र रामटेके को गिरफ्तार किया है। मामला गंभीरता को देखते हुए एसआईटी से जांच कराई जा रही है।
जांच के दौरान सड़क निर्माण में भारी गड़बड़ियों के प्रमाण सामने आए, जिसके आधार पर विभागीय अफसरों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। इसके बाद पुलिस ने संबंधित इंजीनियरों को हिरासत में लिया है। यह सड़क 2010 में 73.08 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृत हुई थी।
इस प्रकरण ने निर्माण कार्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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