बिलासपुर: 18 जुलाई 2025
राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता हर्षिता पांडेय एक बार फिर चर्चा में हैं। दो साल पुराने एक चक्का जाम मामले में बिलासपुर पुलिस ने उन्हें फरार घोषित करते हुए कोर्ट में चालान पेश कर दिया। इसकी जानकारी मिलते ही हर्षिता पांडेय अपने समर्थकों के साथ कोटा कोर्ट पहुंचीं और जमानत ले ली।
यह मामला 13 फरवरी 2023 का है, जब सकरी-कोटा रोड पर गनियारी के पास भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के विरोध में चक्का जाम किया गया था। उस वक्त राज्य में कांग्रेस की सरकार थी और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे। प्रदर्शन के बाद कोटा पुलिस ने इस मामले में 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जिनमें से 11 को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और सभी को जमानत भी मिल गई थी।
हालांकि, हर्षिता पांडेय का कहना है कि उन्हें न एफआईआर की जानकारी दी गई, न ही नोटिस या वारंट थमाया गया। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें फरार बताकर चालान कोर्ट में पेश कर दिया।
हर्षिता पांडेय ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा,
“जब मैं लगातार सरकारी और राजनीतिक कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और अफसरों के साथ मंच साझा कर रही थी, तब भी मुझे फरार बताया गया। यह सरासर राजनीति से प्रेरित कार्रवाई है।”
उन्होंने यह भी कहा कि जनता के मुद्दों को उठाना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी होती है, लेकिन पिछली सरकार ने इसे राजनीतिक द्वेष के चलते अपराध की तरह प्रस्तुत किया।
गौरतलब है कि हर्षिता पांडेय के खिलाफ IPC की धारा 147 (बलवा) और 341 (रास्ता रोकना) के तहत केस दर्ज है।
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